Bihar Crime: फर्जी आधार से विदेशी नागरिकों का पासपोर्ट! मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच तेज
Bihar Crime: फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेज के सहारे विदेशी नागरिकों का पासपोर्ट बनवाने के कथित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। ...
Bihar Crime: फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेज के सहारे विदेशी नागरिकों का पासपोर्ट बनवाने के कथित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ें खंगालने में जुटी है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि गिरफ्तार आरोपियों का किसी दूसरे देश से संपर्क या अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन तो नहीं है।मामला मुजफ्फरपुर में नगर थाना क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहे फर्जी दस्तावेज तैयार करने के नेटवर्क से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड और अन्य कागजात तैयार करने का अवैध कारोबार चल रहा है।सूचना मिलते ही सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व डीएसपी टाउन सुरेश कुमार कर रहे थे, जबकि नगर थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह को भी टीम में शामिल किया गया।
फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र निवासी साहिल कुमार और सारण जिले के दरियापुर निवासी शिवकुमार पंडित को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान साहिल कुमार ने बताया कि वह वर्ष 2020 से नगर थाना क्षेत्र के कल्याणी चौक स्थित कन्हाई कम्युनिकेशन सेंटर में काम कर रहा था। उस पर फर्जी आधार कार्ड तैयार करने और जाली दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन कराने का आरोप है।पूछताछ में सामने आए तथ्यों और आरोपी की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी एजाज कमर को भी गिरफ्तार कर लिया।
आधार उपकरण निजी जगहों पर देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, एजाज कमर ने पूछताछ में खुद को आधार संबंधी कार्यों का वेंडर बताया है। उसके मुताबिक, वह आधार अपडेट से जुड़े काम के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ऑपरेटर उपलब्ध कराता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी द्वारा ऑपरेटरों से कथित तौर पर करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाने की बात सामने आई है।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि सरकारी प्रक्रिया के तहत इस्तेमाल होने वाले आधार अपडेट उपकरणों को कुछ निजी स्थानों पर उपलब्ध कराया गया, जहां कथित तौर पर नियमों के विपरीत आधार में बदलाव किए जा रहे थे। इसके बाद इन कथित फर्जी आधार कार्ड और अन्य जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने में किए जाने की बात सामने आई है।
अब खंगाला जा रहा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी आधार और पासपोर्ट तैयार कराने के इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हैं, कितने दस्तावेज तैयार किए गए और किन लोगों के लिए उनका इस्तेमाल किया गया।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी दूसरे देश के नागरिकों या किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से संपर्क है या नहीं। फिलहाल पुलिस आरोपों और बरामद दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा