मुंगेर सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मौत के बाद बवाल, ऑक्सीजन सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं थी-परिजनों का आरोप, तोड़फोड़ के बाद डॉक्टर-कर्मी भागे, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Bihar Crime:मरीज को सांस लेने में परेशानी होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया, लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं थी। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

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सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मौत के बाद बवाल- फोटो : reporter

Bihar Crime: मुंगेर के मॉडल सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार की देर रात मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ कर दी। परिजनों का आरोप है कि मरीज को सांस लेने में परेशानी होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया, लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं थी। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान सीताकुंड कल्याणचक निवासी स्वर्गीय विशेश्वर यादव के 30 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार के रूप में हुई है।परिजनों के मुताबिक नीरज को पिछले दो दिनों से बुखार था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसे मॉडल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इमरजेंसी में लाया गया।

परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में इंजेक्शन देने के बाद नीरज की हालत और बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे ऑक्सीजन लगाने की कोशिश की गई, लेकिन कथित तौर पर सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं थी।परिजनों का दावा है कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से नीरज की जान चली गई। हालांकि, मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

नीरज की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और साथ आए लोगों का गुस्सा भड़क उठा। इमरजेंसी में हंगामा शुरू हो गया और आक्रोशित लोगों ने कथित तौर पर तोड़फोड़ कर दी। हंगामे के कारण अस्पताल में इलाज करा रहे दूसरे मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत फैल गई।स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकल गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आक्रोशित लोगों को समझाकर किसी तरह हालात पर काबू पाया।

घटना के बाद मॉडल सदर अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था और ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि परिजनों का आरोप सही है तो यह अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल होगा।हालांकि, नीरज की मौत ऑक्सीजन की कथित कमी से हुई या किसी अन्य चिकित्सकीय जटिलता के कारण, इसकी पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल घटना ने अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान