Bihar Crime: पूर्व सांसद के पैतृक घर में सेंध, लाखों के गहने-कैश पर चोरों का हाथ साफ, बिहार की कानून-व्यवस्था पर फिर बड़ा सवाल
Bihar Crimeआदापुर के भेडियारी गांव में वारदात से सनसनी, पूर्व मंत्री के दिल्ली में इलाज का चोरों ने उठाया फायदा, सवाल—जब रसूखदारों के घर सुरक्षित नहीं तो आम आदमी का क्या होगा?
Motihari: बिहार में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक और तस्वीर मोतिहारी के आदापुर थाना क्षेत्र से सामने आई है। पूर्व सांसद रमा देवी और पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद के पैतृक गांव भेडियारी स्थित घर को चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। बताया जा रहा है कि चोरों ने घर का ताला तोड़कर गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिए।वारदात की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। खास बात यह है कि यह वही परिवार है जिसका इलाके में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव रहा है। पूर्व सांसद रमा देवी, पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी हैं, जबकि पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद पिछले कुछ दिनों से इलाज के सिलसिले में दिल्ली में हैं। बताया जा रहा है कि घर में उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।
ताला टूटा, घर खाली और चोरों ने मचा दी लूट
बताया जा रहा है कि बीती रात चोरों ने घर को निशाना बनाया। सुनसान घर का फायदा उठाते हुए अपराधियों ने पहले ताला तोड़ा और फिर अंदर दाखिल होकर गहने, नकदी समेत लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया।वारदात के बाद चोर आराम से फरार हो गए। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाने की है कि आखिर इतनी बड़ी चोरी को अंजाम देने वाले अपराधी कौन हैं और वे किस रास्ते से आए और गए।
‘जब पूर्व सांसद के घर में सेंध तो आम आदमी कितना महफूज?’
इस घटना ने इलाके में सिर्फ चोरी को लेकर चिंता नहीं बढ़ाई है, बल्कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि जिस परिवार का इलाके में राजनीतिक रसूख रहा हो, उसके पैतृक घर में चोर बेखौफ होकर लाखों की चोरी कर सकते हैं, तो फिर आम लोगों के घर कितने सुरक्षित हैं?वाल यह भी है कि क्या इलाके में रात के वक्त पुलिस की गश्त प्रभावी है? क्या संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है? और अगर अपराधी इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर निकल गए, तो क्या पुलिस के पास उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सुराग हैं?
अब पुलिस की अग्निपरीक्षा
वारदात के बाद निगाहें अब आदापुर पुलिस पर टिक गई हैं। चोरी की गुत्थी सुलझाना और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना पुलिस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।इलाके के लोगों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर चोरों की पहचान करेगी और चोरी की गई संपत्ति बरामद करेगी।लेकिन इस वारदात ने एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ दिया है जब पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री के परिवार का पैतृक घर भी चोरों से महफूज नहीं, तो बिहार में आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार