पटना में SVU की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के आभूषण और 47 जमीनों के कागजात के साथ ऋषु श्री गिरफ्तार, भेजा गया जेल

Bihar Crime : एसवीयू की टीम ने 'मेसर्स रिलायबल इन्फ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' के ऋषु श्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ऋषु श्री पर अधिकारियों को रिश्वत देकर टेंडर हथियाने और गवाहों को डराने का आरोप है....

पटना में SVU की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के आभूषण और 47 जमीनों
ऋषु श्री भेजा गया जेल- फोटो : अनिल कुमार

Patna : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एसवीयू की टीम ने 'मेसर्स रिलायबल इन्फ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' (M/s Reliable Infra Services Private Limited) के ऋषु श्री को गिरफ्तार कर लिया है। ऋषु श्री के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई थाना में काण्ड संख्या-05/2025 दर्ज है, जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act 1988), शासकीय गुप्तता अधिनियम (Official Secrets Act 1923) और भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) पंकज कुमार दाराद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए मामले की विस्तृत जानकारी दी।


कमीशन पर टेंडर दिलाने और सबूत मिटाकर विदेश भागने की थी योजना

उन्होंने बताया कि कांड के अनुसंधान के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ऋषु श्री ने जल संसाधन विभाग में अपने गलत प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कमीशन के आधार पर 'मेसर्स शेवरॉन कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद' को एक बड़ा टेंडर दिलाया था। बाद में इस टेंडर के काम को अपनी ही कंपनी के कर्मचारी संतोष कुमार (जो मेसर्स मातृस्वान कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं) को ट्रांसफर कर दिया गया। जांच के दौरान खुफिया सूत्रों से यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ऋषु श्री कांड से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स और सबूतों को लेकर विदेश भागने की फिराक में था, जिसे एसवीयू ने नाकाम कर दिया।


अधिकारियों को रिश्वत देकर टेंडर हथियाने और गवाहों को डराने का आरोप

विशेष निगरानी इकाई के मुताबिक, ऋषु श्री एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति हैं। अनुसंधान में यह बात प्रकाश में आई है कि वह अपने रसूख और रिश्वत के बल पर जल संसाधन विभाग, भवन निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बीएमएसआईसीएल (BMSICL) जैसे बड़े सरकारी विभागों में अपनी कंपनियों के पक्ष में टेंडर लेने के लिए सरकारी कर्मचारियों और पदाधिकारियों को मोटी रकम देता था। जांच एजेंसी को अंदेशा था कि जेल से बाहर रहने पर वह अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर केस से जुड़े साक्ष्यों/दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर सकती थीं और गवाहों को डरा-धमका सकता था।


पटना स्थित फ्लैट की तलाशी में मिला कुबेर का खजाना, 47 जमीनों के मूल कागजात जब्त

न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर 27 मई 2026 को एसवीयू की विशेष टीम ने ऋषु श्री के पटना स्थित आवास (फ्लैट नंबर-5, कामता राम सखी इन्क्लेव, मीठापुर, खगौल रोड) पर सघन छापेमारी और तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान फ्लैट से 2,50,000 रुपये (दो लाख पचास हजार) नगद बरामद किए गए। इसके अलावा करोड़ों रुपये के सोने, चांदी और हीरे के आभूषण बरामद कर जब्त किए गए हैं। छापेमारी में विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश से जुड़े दस्तावेज, कई बैंक खाते और सबसे महत्वपूर्ण रूप से कुल 47 कीमती जमीनों की खरीद के मूल कागजात (डीड) बरामद हुए हैं।


निगरानी न्यायालय में पेशी के बाद पटना के बेउर जेल भेजी गईं आरोपी

छापेमारी और साक्ष्यों की बरामदगी के बाद आरोपी ऋषु श्री (पिता- विनोद कुमार सिन्हा) को विशेष निगरानी इकाई द्वारा विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। आज दिनांक 28 मई 2026 को कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें पटना स्थि निगरानी न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मामले की गंभीरता और एसवीयू द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता सबूतों को देखते हुए माननीय अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेते हुए पटना के आदर्श केंद्रीय कारा, बेउर (बेउर जेल) भेजने का आदेश जारी कर दिया। एसवीयू अब इस पूरे सिंडिकेट और इसमें शामिल भ्रष्ट अधिकारियों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।


अनिल की रिपोर्ट