25 करोड़ के स्मैक कांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी: फरार सिपाही ऋषिकेश उर्फ अनीश रांची से गिरफ्तार, वर्दी की आड़ में करता था तस्करी

Bihar Crime : बिहार के चर्चित 25 करोड़ रुपये के स्मैक बरामदगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुख्य फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस ड्रग सिंडिकेट की जड़ें बेहद गहरी हैं और इसका सीधा लिंक पटना की बेउर जेल से भी जुड़ा पाया गया

25 करोड़ के स्मैक कांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी: फरार सिपाह
25 करोड़ रुपये के स्मैक बरामदगी मामले फरार आरोपी गिरफ्तार- फोटो : अनिल कुमार

Patna : बिहार के चर्चित 25 करोड़ रुपये के स्मैक बरामदगी मामले में पटना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कांड का मुख्य और नामजद फरार आरोपी, बिहार पुलिस का सिपाही ऋषिकेश क्रांतिकारक उर्फ अनीश आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक विशेष टीम ने उसे झारखंड की राजधानी रांची से दबोचा है। मूल रूप से नवादा के रहने वाले इस आरोपी सिपाही को गिरफ्तारी के बाद तुरंत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


पटना के आलमगंज थाना कांड में था नामजद आरोपी

यह पूरी कार्रवाई पटना के आलमगंज थाना कांड संख्या 293/26 के तहत की गई है। इस हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का खुलासा तब हुआ था जब पटना में 25 करोड़ रुपये मूल्य की भारी मात्रा में स्मैक बरामद की गई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही दो मुख्य तस्करों—समस्तीपुर के जितेंद्र कुमार और जहानाबाद के नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनसे पूछताछ और गहन जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि नालंदा का रहने वाला सिपाही ऋषिकेश ही इस पूरे सिंडिकेट की सबसे अहम कड़ी था।


ट्रांसफर के बाद से था फरार, पुलिस को मिले थे अहम दस्तावेज

जांच में सामने आया है कि आरोपी सिपाही ऋषिकेश पहले गया में पदस्थापित था और जुलाई 2025 में उसका ट्रांसफर भागलपुर के लिए किया गया था। हालांकि, उसने नई जगह पर योगदान (जॉइन) नहीं किया और वह लगातार फरार चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने पटना के आलमगंज और रामकृष्ण नगर इलाकों में छापेमारी कर उसके कई बैंक दस्तावेज, चेकबुक और सर्विस रिकॉर्ड बरामद किए थे, जिससे ड्रग नेटवर्क में खाकी की अंदरूनी मिलीभगत की आशंका पूरी तरह सच साबित हो गई।


वर्दी की धौंस पर बाईपास होती थी पुलिस चेकिंग

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पटना को केंद्र बनाकर स्मैक की प्रोसेसिंग और सप्लाई का एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था। इस धंधे के लिए कच्चा माल (रॉ मटेरियल) उत्तर प्रदेश के मुगलसराय और गाजीपुर से मंगवाया जाता था, जिसे ट्रेन, कूरियर और सड़क मार्ग के जरिए बिहार लाया जाता था। चौंकाने वाली बात यह है कि जब भी सड़क मार्ग से नशे की खेप की तस्करी होती थी, तो आरोपी ऋषिकेश पुलिस की वर्दी पहनकर गाड़ी में साथ रहता था, ताकि किसी भी चेकपोस्ट या नाके पर तलाशी से आसानी से बचा जा सके।


बेउर जेल के 'दादा' से जुड़े थे तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

इस ड्रग सिंडिकेट की जड़ें बेहद गहरी हैं और इसका सीधा लिंक पटना की बेउर जेल से भी जुड़ा पाया गया है। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर बंद एक कथित ‘दादा’ वहां से इस पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहा था। इस मामले में आलमगंज और रामकृष्ण नगर थाने में जितेंद्र, नीतीश और पटनदेवी इलाके के राहुल यादव समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सिपाही ऋषिकेश की गिरफ्तारी से इस नेटवर्क के कई और सफेदपोश चेहरों से पर्दा उठेगा।


अनिल की रिपोर्ट