बिहार में स्मैक के काले कारोबार का खुलासा, भाई-बहन ने मिलकर खड़ा किया था नशे का काला साम्राज्य

Bihar Crime: कटिहार जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर स्मैक तस्करी के आरोप में भाई-बहन को गिरफ्तार किया है।...

Katihar Siblings Held
स्मैक के काले कारोबार का खुलासा- फोटो : reporter

Bihar Crime: कटिहार जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर स्मैक तस्करी के आरोप में भाई-बहन को गिरफ्तार किया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में पुलिस ने छापेमारी कर दोनों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से 28 ग्राम स्मैक, 58 हजार रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में मादक पदार्थों के कथित नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक साथ 11 मोबाइल फोन बरामद होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन मोबाइल के जरिए किन-किन लोगों से संपर्क किया जाता था और कथित स्मैक सप्लाई का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है।

एसडीपीओ विशाल आनंद के अनुसार, पुलिस को रामपुर गांव इलाके में मादक पदार्थों की कथित तस्करी किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र में छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विवेकानन्द यादव उर्फ विक्रम कुमार और उसकी बहन डॉली कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के ठिकाने की तलाशी ली, जहां से कथित तौर पर स्मैक और अन्य सामान बरामद हुआ।

पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान 28 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इसके अलावा 58 हजार रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन भी मिले हैं। बरामद नकदी को लेकर पुलिस यह जांच कर रही है कि इसका संबंध कथित नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री से है या नहीं।वहीं, 11 मोबाइल फोन की बरामदगी ने पुलिस की जांच को एक नया एंगल दिया है। जांच एजेंसियां मोबाइल में मौजूद संपर्क, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल जानकारी के जरिए कथित सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।एक ही जगह से इतनी संख्या में मोबाइल फोन मिलने के बाद पुलिस की निगाह अब कथित स्मैक सप्लाई नेटवर्क पर टिक गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और नशे की कथित खेप कहां से आती थी।जांच में यह भी पता लगाया जा सकता है कि बरामद मोबाइल फोन किसके नाम पर हैं और इनसे किन नंबरों पर लगातार संपर्क किया जाता था। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार भाई-बहन के अलावा इस कथित कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। स्मैक की सप्लाई कहां से होती थी और इसे किन इलाकों में खपाया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है।एसडीपीओ विशाल आनंद के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद सामान और मोबाइल से मिलने वाले सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।कटिहार में नशे के कथित कारोबार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस की निगरानी को सामने ला दिया है। अब जांच का अगला पड़ाव यह पता लगाना होगा कि बरामद 28 ग्राम स्मैक और नकदी के पीछे कथित सप्लाई चेन की कितनी बड़ी कड़ी जुड़ी हुई है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह