Bihar Sex Racket: चाय की केतली कीआड़ में उबलता रहा जिस्मफरोशी का खेल, बिहार में पांच साल से चल रहा सेक्स रैकेट बेनकाब, पुलिस की नाक के नीचे कारोबार!

Bihar Sex Racket: जिस्मफरोशी का ऐसा गोरखधंधा चल रहा था, जो एक-दो महीने नहीं बल्कि पूरे पांच साल से बदस्तूर जारी था और हैरत की बात यह कि कानून की आंखों पर पट्टी बंधी रही।

Katihar Sex Racket Exposed 5 Year Operation Ran Under Police
पांच साल से चल रहा सेक्स रैकेट बेनकाब- फोटो : X

Bihar Sex Racket:एक सनसनीखेज़ खुलासे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। कटिहार के भट्टा टोला चौक पर चाय की दुकान की आड़ में कथित तौर पर जिस्मफरोशी का ऐसा गोरखधंधा चल रहा था, जो एक-दो महीने नहीं बल्कि पूरे पांच साल से बदस्तूर जारी था और हैरत की बात यह कि कानून की आंखों पर पट्टी बंधी रही। आखिरकार जब सब्र का पैमाना लबालब हुआ, तो गांव वालों ने खुद मोर्चा संभाला और इस काले कारोबार का पर्दाफ़ाश कर डाला।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बसंती देवी नाम की महिला चाय की दुकान के नाम पर देह व्यापार का नेटवर्क चला रही थी। दिन में चाय की चुस्कियां, रात में सौदों की फुसफुसाहट—यही दुकान की पहचान बन चुकी थी। गांव वालों का कहना है कि लंबे समय से इस अवैध धंधे से माहौल ज़हरीला हो रहा था। शिकायतें हुईं, फुसफुसाहटें चलीं, मगर कार्रवाई कहीं नज़र नहीं आई। अंततः गुस्साए ग्रामीणों ने एक युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया और दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। हालांकि बसंती देवी और उसके साथ मौजूद एक अन्य महिला मौके से फरार हो गईं। पकड़े गए युवक को ग्रामीणों ने मुफस्सिल थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

स्थानीय निवासी दीपक पासवान ने बताया कि यह धंधा कोई नया नहीं है। उनका दावा है कि करीब एक माह पहले भी मुफस्सिल थाना पुलिस ने बसंती देवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन जेल से छूटते ही उसने फिर से वही गोरखधंधा शुरू कर दिया। सवाल उठता है अगर पहले भी कार्रवाई हुई थी, तो निगरानी क्यों ढीली पड़ी? और कैसे वही चेहरे फिर से कारोबार में लौट आए?

मामले पर आरक्षी अधीक्षक ने पुष्टि करते हुए कहा कि दो-तीन महीने पहले इसी थाना क्षेत्र में देह व्यापार रैकेट का भांडा फोड़ा गया था, जिसमें होटल मालिक की गिरफ्तारी भी हुई थी। जिस महिला के जरिए यह धंधा चलाया जा रहा था, उसकी संलिप्तता इस मामले में भी सामने आ रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं। अब सवाल सीधा है क्या इस बार सिर्फ़ केतली उतरेगी या पूरे नेटवर्क पर कानून का ढक्कन कसकर बंद होगा? इलाके की निगाहें पुलिस की अगली चाल पर टिकी हैं।