पॉलीथिन बैग में 95 हजार लेते दिखे राजस्व कर्मचारी, डीएम बोले- होगी त्वरित कार्रवाई, वीडियो वायरल होते हीं मचा हड़कंप

Bihar Corruption: बिहार सरकार भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का दावा करती हो, लेकिन कटिहार जिले से सामने आया एक कथित वीडियो सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

Katihar Revenue Staff in Bribery Video DM Orders Quick Actio
95 हजार लेते दिखे राजस्व कर्मचारी- फोटो : reporter

Bihar Corruption: बिहार सरकार भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का दावा करती हो, लेकिन कटिहार जिले से सामने आया एक कथित वीडियो सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में बारसोई अंचल के बलतर पंचायत में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी रविकांत रंजन एक व्यक्ति से पॉलीथिन कैरी बैग में पैक ₹95 हजार लेते हुए कथित तौर पर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार, रविकांत रंजन पिछले करीब दो वर्षों से अधिक समय से बलतर पंचायत में कार्यरत हैं। आरोप है कि म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) जैसे राजस्व संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लोगों से मोटी रकम की मांग की जाती है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई है और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।वीडियो वायरल होने के बाद कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को वीडियो की जानकारी मिली है और इसकी गंभीरता से जांच कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई कर चुका है और दोषी पाए जाने पर कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है और ऐसी किसी भी शिकायत या वीडियो पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है और संबंधित कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह मामला एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है। फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू करने की बात कही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

रिपोर्ट-श्याम कुमार सिंह