12 साल बाद कानून के शिकंजे में आया फरार नक्सली, गया में STF-पुलिस ने भागने की कोशिश की नाकाम
Bihar Crime: गया जिले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे एक वांछित नक्सली को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। ...
Bihar Crime: गया जिले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे एक वांछित नक्सली को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। वर्ष 2013 के नक्सली कांड में वांछित आरोपी अजीम अंसारी को 12 वर्षों तक कानून की आंखों में धूल झोंकने के बाद आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा। गिरफ्तारी के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने एक पुराने और चर्चित मामले की अहम कड़ी अपने कब्जे में ले ली है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अजीम अंसारी, छकरबंधा गांव निवासी नसरुद्दीन अंसारी का पुत्र है। वह गया जिले के छकरबंधा थाना कांड संख्या 56/2013 में नामजद और फरार अभियुक्त था। उसके खिलाफ 23 सितंबर 2013 को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और सीएलए एक्ट की धारा-17 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान उसके कथित नक्सली गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस को 2 अगस्त को गुप्त सूचना मिली कि अजीम अंसारी अपने घर पहुंचा हुआ है। सूचना का सत्यापन करने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छकरबंधा इलाके में घेराबंदी कर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया और मौके पर ही उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस उसके नेटवर्क तथा अन्य संभावित गतिविधियों की भी पड़ताल में जुट गई है।
पुलिस का कहना है कि फरार अभियुक्तों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। 12 वर्षों से फरार इस वांछित आरोपी की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियां नक्सल विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही हैं।
रिपोर्ट- मनोज कुमार