Bihar Polce: बिहार में अपराधी को पकड़ने गई पुलिस और STF पर आधी रात को हमला, चोर-चोर के शोर में पत्थर, लाठी और लूटे गए हथियार
Bihar Polce: बिहार की सरज़मीं पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुख्यात को दबोचने पहुंची एसटीएफ टीम पर अचानक हमला बोल दिया गया।...
Bihar Polce: बिहार की सरज़मीं पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुख्यात को दबोचने पहुंची एसटीएफ टीम पर अचानक हमला बोल दिया गया। गयाजी मुफस्सिल थाना कांड संख्या 1038/24 के हत्या मामले में वांछित बदमाश संजय मांझी को पकड़ने के लिए टीम रविवार देर शाम करीब 8 बजे मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियामा गांव में दबिश देने पहुंची थी। मगर वारदात ने ऐसा मोड़ लिया कि कानून के रखवाले खुद निशाने पर आ गए।
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही एसटीएफ ने घेराबंदी तेज की, संजय मांझी ने ‘चोर-चोर’ का शोर मचा दिया। बस फिर क्या था देखते ही देखते 50 से 60 की भीड़ जमा हो गई और पत्थरबाजी व लाठी-डंडों की बरसात शुरू हो गई। हालात गैंगवार जैसे बन गए। छह जवानों पर हमला हुआ, जिनमें मणिकांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज कुमार पंडित समेत कई घायल हो गए। जख्मी जवानों को फौरन मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हमले के दौरान हमलावरों ने घायल जवानों से हथियार भी छीन लिए। यह वारदात महज़ झड़प नहीं, बल्कि कानून को खुली चुनौती थी। हालांकि पुलिस की कड़ी दबिश और सर्च ऑपरेशन के बाद लूटे गए हथियार बरामद कर लिए गए। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि फिज़ा में फैली दहशत पर काबू पाया जा सके।
मध्यरात्रि को पुलिस पदाधिकारी ने जानकारी दी कि इस हमले के सिलसिले में 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरे प्रकरण में यह साफ है कि कुख्यात को बचाने के लिए भीड़ को मोहरा बनाया गया। सवाल यह कि क्या यह सुनियोजित साजिश थी या अचानक भड़की भीड़ का उन्माद?
फिलहाल गयाजी में सन्नाटा है, मगर पुलिसिया शिकंजा कसता जा रहा है। जांच एजेंसियां हमले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। कानून से खिलवाड़ करने वालों को यह पैगाम साफ हैलाठी और पत्थर से सिस्टम को डराया नहीं जा सकता।
रिपोर्ट- मनोज कुमार