गयाजी में दवा माफिया पर बड़ा प्रहार, ड्रग्स विभाग की छापेमारी में भारी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद, एक धंधेबाज गिरफ्तार
Bihar Crime News: छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में बिना वैध कागजात वाली संदिग्ध दवाएं बरामद की गईं। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद इलाके में दवा माफिया के बीच हड़कंप मच गया है।
Gayaji: जिले के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के खंजाहापुर गांव में ड्रग्स विभाग ने अवैध दवा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में हुई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में बिना वैध कागजात वाली संदिग्ध दवाएं बरामद की गईं। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद इलाके में दवा माफिया के बीच हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में मौके से एक दवा कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कलाली रोड निवासी सुमित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि अवैध दवा कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।छापेमारी के दौरान जब्त की गई सभी दवाओं को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए बुनियादगंज थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। औषधि विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह अवैध दवा कारोबार कितने बड़े स्तर पर चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सचिदानंद ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर खंजाहापुर गांव में छापेमारी की गई। इस दौरान क्लवेम (Clavam), मोविन (Movin) और सिलिकॉन समेत कई ब्रांडेड और जीवन रक्षक दवाओं का बड़ा स्टॉक बरामद हुआ है।
उन्होंने बताया कि बरामद सभी दवाओं के नमूने संग्रह कर लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दवाएं मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। अगर जांच में दवाएं नकली, घटिया या अवैध पाई जाती हैं तो आरोपियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, इस मामले के तार कुछ दिन पहले हुई बड़ी कार्रवाई से जुड़े हैं। 22 जुलाई की देर शाम सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स नीमच, मध्य प्रदेश की टीम ने खंजाहापुर स्थित मुखलाल यादव के मकान में छापेमारी की थी। उस दौरान भी वहां से भारी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद हुई थीं, जिसके बाद कमरे को सील कर दिया गया था। इसके अलावा कोतवाली थाना क्षेत्र के मुरारपुर में भी एनसीबी ने कार्रवाई कर भारी मात्रा में दवाएं जब्त की थीं। इन कार्रवाइयों के बाद औषधि विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाया और अवैध दवा कारोबार के नए ठिकानों का पता लगाया।
औषधि विभाग और स्थानीय पुलिस को आशंका है कि इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर उसके संपर्कों और पूरे सिंडिकेट की जानकारी जुटा रही हैं।अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दवा के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
रिपोर्ट- प्रेम रंजन