Crime News: 47 किलोमीटर तक चलती स्लीपर बस में छात्रा से गैंगरेप, 14 साल बाद फिर दहल गई राजधानी

Crime News: चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय 11वीं की छात्रा के साथ चालक और कंडक्टर द्वारा कथित सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ...

Delhi Student Raped in Moving Sleeper Bus Two Accused Arrest
चलती स्लीपर बस में छात्रा से गैंगरेप- फोटो : social Media

Crime News: नई दिल्ली में 14 साल पुराने निर्भया कांड की सिहरन पैदा करने वाली यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से कश्मीरी गेट के बीच दौड़ती एक स्लीपर बस कथित तौर पर 16 वर्षीय 11वीं की छात्रा के लिए दरिंदगी का अड्डा बन गई। आरोप है कि बस चालक और कंडक्टर ने सुनसान बस में छात्रा को झांसा देकर बैठाया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद पीड़िता को कश्मीरी गेट के पास छोड़कर दोनों आरोपी फरार हो गए।पुलिस के मुताबिक पीड़िता मैनपुरी जिले के एक गांव की रहने वाली है और स्थानीय सरकारी इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा में पढ़ती है। तीन अगस्त को मां की डांट से नाराज होकर वह अगले दिन घर से बिना बताए नोएडा सेक्टर-63 स्थित अपने चचेरे भाई के पास जाने के लिए निकल गई। भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह गलती से परी चौक पर उतर गई।इसी दौरान उसे एक स्लीपर बस दिखाई दी। छात्रा ने बस रुकवाकर रास्ता पूछा। आरोप है कि कंडक्टर ने उसे सेक्टर-63 जाने का भरोसा दिलाया और बस में बैठा लिया। उस वक्त बस में कोई अन्य यात्री मौजूद नहीं था। 

देर रात बस कश्मीरी गेट पहुंची। आरोपियों ने छात्रा को रिंग रोड के पास उतार दिया और वहां से फरार हो गए। किसी तरह पीड़िता पुलिस तक पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण और मारपीट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

कोतवाली एसीपी  की निगरानी में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सुराग खंगाले। इसके बाद चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात में इस्तेमाल बस को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।जांच के मुताबिक बस में तकनीकी खराबी आने के बाद दोनों उसे ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित वर्कशॉप ले गए थे। मरम्मत के बाद खाली बस लेकर दोनों उत्तरी दिल्ली लौट रहे थे। इसी दौरान परी चौक पर अकेली खड़ी छात्रा को देखकर उसे सेक्टर-63 पहुंचाने का झांसा देकर बस में बैठाने का आरोप है।

परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर के सफर में बस की खिड़कियों पर भारी पर्दे लगे होने की बात सामने आई है। इससे भीतर की गतिविधियां बाहर से दिखाई देना मुश्किल था। सवाल यह है कि इतनी लंबी दूरी में बस की निगरानी क्यों नहीं हुई और नोएडा-दिल्ली सीमा समेत प्रमुख रास्तों पर तैनात पुलिस की नजर इस संदिग्ध बस पर क्यों नहीं पड़ी?वारदात ने पुलिस सत्यापन, ड्राइवर-कंडक्टर की नेमप्लेट, सीसीटीवी, पैनिक बटन, लाइव वीएलटीडी और रूट मॉनिटरिंग जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

निर्भया कांड के बाद यात्री सुरक्षा के लिए बनाए गए सख्त कायदों के बावजूद अगर एक नाबालिग छात्रा चलती बस में महफूज नहीं है, तो यह महज एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी है।