Bihar Crime: गांधी जयंती पर बिहार में गोलियों की गूंज, बाइक सवार बदमाशों ने युवक को भूना
Bihar Crime: जब देश महात्मा गांधी के अहिंसा और शांति के संदेश को याद कर रहा था, उसी शाम अपराधियों ने सरेराह एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी...
Bihar Crime: गांधी जयंती के दिन, जब देश महात्मा गांधी के अहिंसा और शांति के संदेश को याद कर रहा था, उसी शाम बेगूसराय फुलवड़िया थाना क्षेत्र में अपराधियों ने सरेराह एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। बख्तर स्थान के समीप बाइक सवार बदमाशों ने युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोलियों से छलनी युवक गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन इलाज के लिए ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वारदात के बाद इलाके में दहशत और मृतक के घर में चीख-पुकार मच गई।
मृतक की पहचान तीन बटिया स्थान निवासी करीब 27 वर्षीय गणेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गणेश मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाशों ने उसे निशाना बनाया और कई राउंड गोलियां चला दीं। हमला इतना अचानक था कि गणेश को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गणेश वाहन धोने का काम करता था।वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही फुलवड़िया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कराया। पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को सूचना दी है। घटनास्थल के आसपास से बाइक और गोली के खोखे बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। वारदात के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या कोई अन्य वजह थी, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले के शीघ्र उद्भेदन और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ तेघड़ा के नेतृत्व में लगातार छापेमारी की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
लेकिन इस सनसनीखेज वारदात ने फुलवड़िया इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेशाम सड़क पर एक युवक पर कई राउंड गोलियां बरसाकर अपराधियों का फरार हो जाना पुलिस गश्ती और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल पैदा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है और पुलिस गश्त को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बदमाशों में कानून का खौफ क्यों नहीं दिख रहा? हर बड़ी वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल जांच और छापेमारी की कार्रवाई शुरू होती है, लेकिन असली कसौटी अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी है। जब तक हमलावर सलाखों के पीछे नहीं पहुंचते, तब तक पुलिस की कार्रवाई का भरोसा पीड़ित परिवार और आम लोगों के लिए अधूरा ही रहता है।बेगूसराय में सितंबर के दौरान भी गोली मारकर हत्या की घटनाएं सामने आने के बाद गांधी जयंती के दिन हुई यह वारदात अपराध नियंत्रण की स्थिति पर नए सवाल खड़े करती है। अब निगाह पुलिस की तफ्तीश पर है कि वह कितनी जल्दी हत्यारों की पहचान करती है और इस सनसनीखेज वारदात के पीछे छिपी असली वजह को सामने लाती है।
रिपोर्ट- अजय कुमार शास्त्री