पूजा का विरोध करने वाले पति ने पत्नी सहित 3 लोगों को उतारा मौत के घाट, पुलिस एनकाउंटर में हुआ ढेर
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर में पिछले कई दिनों से धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह पूजा कथित तौर पर किसी अलौकिक या नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के उद्देश्य से की जा रही थी।
Religious Ritual Murder : घर में चल रही पूजा का विरोध करने का माजरा इतना गंभीर हो गया कि पति ने पत्नी सहित तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम हुई जिसका अंत बुधवार सुबह पुलिस एनकाउंटर के बाद हुआ। यहाँ एक घर के अंदर हुई तीन हत्याओं के बाद करीब सात घंटे तक चले तनावपूर्ण घटनाक्रम का अंत पुलिस मुठभेड़ में हुआ। पत्नी और दो पुजारियों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, उसने बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी और एक बच्चे पर गोली चलाकर उसे घायल कर दिया। इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान बुधवार तड़के करीब 3:30 बजे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी की पहचान अहिरौला क्षेत्र के शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह के रूप में की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद घर लौटा था। उस समय घर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। उसकी पत्नी 32 वर्षीय बबीता सिंह दो पुजारियों—60 वर्षीय महेंद्र पाठक और 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा—के साथ पूजा करा रही थीं।
पूजा को लेकर विवाद, फिर निकाली पिस्टल
पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने घर में चल रहे अनुष्ठान को लेकर पुजारियों से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। उसने कथित तौर पर दोनों से आधार कार्ड दिखाने को कहा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि बहस के दौरान अरविंद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता और दोनों पुजारियों की मौत हो गई। घटना के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
आठ थानों की पुलिस ने घेरा घर
तीन लोगों की हत्या और बच्चों को कमरे में बंद किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आसपास के आठ थानों की पुलिस टीमों ने पूरे घर को घेर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को समझाने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
SSP अनिल कुमार के साथ DIG सुनील कुमार सिंह और वाराणसी के ADG नवीन अरोड़ा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कई घंटे तक अरविंद से बातचीत कर उसे आत्मसमर्पण के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि अरविंद लगातार बच्चों को जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी दौरान उसने बच्चों की ओर भी गोली चलाई, जिसमें एक बच्चा घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, बाकी दोनों बच्चों को फिलहाल खतरे से बाहर बताया गया है।
आधी रात के बाद ATS की एंट्री
हालात लगातार बिगड़ते देख रात करीब 12:20 बजे ATS की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण के लिए मनाने की कोशिशें जारी थीं, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी गई। ADG नवीन अरोड़ा के मुताबिक, कार्रवाई की तैयारी के दौरान अरविंद ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने कमरे में प्रवेश के लिए स्टन और आंसू गैस के ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर पांच राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बुधवार तड़के करीब 3:30 बजे उसकी मौत हो गई।
कई दिनों से चल रहा था धार्मिक अनुष्ठान
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर में पिछले कई दिनों से धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह पूजा कथित तौर पर किसी अलौकिक या नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के उद्देश्य से की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, अरविंद इसी अनुष्ठान का विरोध कर रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। तीन हत्याओं के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपी के व्यवहार और घर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।