17 वर्षीय बेटी को फंदे से झूलने पर किया मजबूर, शव गायब करने के आरोप में पिता, सौतेली मां और नाना गिरफ्तार
Bihar Crime : नालंदा जिले से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां परिजनों की प्रताड़ना से तंग आकर एक 17 वर्षीय बच्ची ने सुसाइड कर ली। सबसे बड़ी बात तो यह रही कि परिजनों ने आनन-फानन में उसकी लाश को नदी में बहा दिया। मामले मां-बाप और नाना को गिरफ्तार...
Nalanda : जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। सोहसराय थाना क्षेत्र के सिंगारहाट गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर परिजनों के तानों और लगातार मिल रही प्रताड़ना से आहत होकर एक 17 वर्षीय किशोरी ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने मृतका को आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्य छिपाने के गंभीर आरोप में उसके सगे पिता, सौतेली मां और नाना को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है।
प्रेम संबंध का लगातार विरोध कर रहे थे घरवाले, मानसिक रूप से किया जा रहा था प्रताड़ित
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान सिंगारहाट निवासी शिशुपाल कुमार उर्फ मुरारी कुमार की 17 वर्षीय पुत्री तन्नु कुमारी के रूप में की गई है। सोहसराय के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मुकेश ने बताया कि पुलिसिया तफ्तीश में यह बात पुख्ता तौर पर सामने आई है कि तन्नु कुमारी का स्थानीय स्तर पर एक युवक के साथ प्रेम संबंध था। किशोरी के इस प्रेम प्रसंग का उसके पिता शिशुपाल कुमार और सौतेली मां रून्नी देवी कड़ा विरोध करते थे। परिजनों द्वारा इस बात को लेकर आए दिन तन्नु को समाज में बदनामी का हवाला देकर तीखे ताने दिए जाते थे और उसे बुरी तरह मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसी रोज-रोज की मानसिक प्रताड़ना से पूरी तरह तंग आकर तन्नु ने बुधवार की देर रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
गुनाह छिपाने के लिए रात के अंधेरे में ही नदी में बहा दिया तन्नु का शव
किशोरी की मौत के बाद अपनी कानूनी जवाबदेही और सामाजिक बदनामी से बचने के लिए परिजनों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद मृतका के पिता शिशुपाल कुमार, सौतेली मां रून्नी देवी, मामा रजनीश कुमार और नाना महेश प्रसाद ने कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम से बचने के लिए रात के अंधेरे में ही तन्नु के शव को चुपचाप घर से निकाला और स्थानीय नदी में ले जाकर प्रवाहित (बहा) कर दिया। आरोपियों को लगा कि शव गायब हो जाने के बाद यह राज हमेशा के लिए दफन हो जाएगा और वे कानून की गिरफ्त से बच निकलेंगे।
ग्रामीणों की गुप्त सूचना पर पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, 12 घंटे के भीतर तीन दबोचे गए
परिजनों को लगा था कि वे कामयाब हो गए, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने इस संदिग्ध गतिविधि और रात में शव गायब किए जाने की भनक तुरंत सोहसराय थाना पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मुकेश के नेतृत्व में पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने स्वलिखित बयान (स्यूमोटो) के आधार पर केस दर्ज कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया। छापेमारी दल में शामिल दारोगा आलिम अंसारी, सोनू कुमार गुप्ता और पुलिस के सशस्त्र बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता शिशुपाल कुमार, सौतेली मां रून्नी देवी और नाना महेश प्रसाद को उनके ठिकानों से दबोच लिया।
फरार मामा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी, सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
थानाध्यक्ष ने बताया कि इस जघन्य और संवेदनहीन कांड में नामजद मृतका का सगा मामा रजनीश कुमार फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक नाबालिग बेटी को प्रताड़ित कर मौत के मुंह में धकेलने और फिर उसके शव को इस तरह गायब करने के मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मिटाने और आत्महत्या के लिए उकसाने की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
राज की रिपोर्ट