शौचालय की टंकी बनी मासूम की मौत का कारण: खेलते-खेलते तीन वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत, नानी के घर आई थी मासूम

शौचालय की टंकी बनी मासूम की मौत का कारण: खेलते-खेलते तीन वर्
शौचालय की टंकी में गिरकर मासूम की मौत- फोटो : चन्द्रशेखर भगत

Banka : बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक खबर सामने आई है। क्षेत्र के चौरवैय गांव में शुक्रवार को खेलते-खेलते एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची शौचालय की पानी भरी टंकी में गिर गई, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद जहां पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ नाना के घर पर इकट्ठा हो गई और हर कोई इस अनहोनी से बेहद स्तब्ध है।


घर के लोग काम से गए थे बाहर, नजर हटते ही गहरे गड्ढे में समा गई मासूम की जिंदगी

मृत बच्ची की पहचान पड़ोसी जिले भागलपुर के जगदीशपुर निवासी चंदन कुमार की तीन वर्षीय पुत्री रिया कुमारी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि मासूम रिया अपनी मां रूबी कुमारी के साथ पिछले करीब दो महीनों से अमरपुर के चौरवैय गांव स्थित अपने नाना चंदर मंडल के घर आई हुई थी। शुक्रवार को घर के अधिकांश सदस्य अपने-अपने दैनिक कार्यों के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। इसी बीच, घर के पास ही आंगन और दरवाजे के समीप खेलते-खेलते रिया अचानक वहां बनी शौचालय की खुली और पानी से लबालब भरी टंकी में जा गिरी। टंकी काफी गहरी और पानी से भरी होने के कारण किसी को भी तुरंत घटना की भनक नहीं लग सकी।


काफी खोजबीन के बाद टंकी में तैरता मिला शव, रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

कुछ देर बाद जब मां और परिजनों को रिया की आवाज सुनाई नहीं दी, तो उन्होंने घर और आसपास उसकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश करने के बाद जब परिजनों की नजर शौचालय की टंकी के भीतर गई, तो बच्ची को वहां अचेत अवस्था में देखकर पैर तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार के बीच परिजनों ने तुरंत बच्ची को बाहर निकाला और आनन-फानन में इलाज के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर भागे। हालांकि, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात कर्तव्य पर मौजूद चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बच्ची को 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण बच्ची ने तड़पकर दम तोड़ दिया था।


एक भाई और एक बहन में सबसे छोटी थी रिया, अमरपुर थाने को दी गई घटना की जानकारी

चंद्रशेखर कुमार भगत की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मासूम रिया अपने माता-पिता की दो संतानों में एक भाई और एक बहन में सबसे छोटी थी। उसके पिता चंदन कुमार परिवार के भरण-पोषण के लिए परदेस (बाहर) रहकर मजदूरी का काम करते हैं, जिन्हें इस भयावह हादसे की सूचना दे दी गई है। अस्पताल परिसर में मृत बेटी के शव से लिपटकर रोती मां रूबी कुमारी का विलाप देखकर वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य मरीजों के परिजनों की आंखें भी नम हो गईं। घटना के बाद स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों की मदद से मामले की लिखित सूचना अमरपुर थाना पुलिस को दे दी गई है, जिसके बाद पुलिस कानूनी कागजी प्रक्रिया में जुट गई है।


खुले और असुरक्षित सेप्टिक टैंकों को लेकर ग्रामीणों में चिंता, सुरक्षा मानक तय करने की मांग

इस दर्दनाक और आंखें खोल देने वाले हादसे के बाद पूरे चौरवैय गांव में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गांवों में बन रहे निर्माणाधीन और बिना ढक्कन वाले खुले सेप्टिक टैंकों (शौचालय टंकियों) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रखंड विकास पदाधिकारी से मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता अभियान के तहत बनने वाले शौचालयों की सुरक्षा के पुख्ता मानक तय किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य अबोध बच्चे को अपनी जान न गंवानी पड़े। पुलिस ने भी आम जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास ऐसे गड्ढों और टंकियों को हमेशा ढककर रखें और छोटे बच्चों पर लगातार नजर बनाए रखें।


चंद्रशेखर कुमार भगत की रिपोर्ट