समुद्र से आई बड़ी राहत: हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत आ रहे 92 हजार टन LPG, पैनिक बुकिंग न करने की अपील!
पश्चिम एशिया में युद्ध के संकट के बीच भारतीय जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' एलपीजी की बड़ी खेप लेकर गुजरात की ओर रवाना। सरकार ने कहा- स्टॉक की कमी नहीं, अफवाहों से बचें।
Patna - पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Straight of Hormuz) में जारी अनिश्चितता के बावजूद, भारत के झंडे वाले दो विशाल जहाज एलपीजी की बड़ी खेप लेकर सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकले भारतीय जहाज
पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत के दो जहाज, शिवालिक (Shivalik) और नंदा देवी (Nanda Devi), करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, जहाज 'शिवालिक' 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह और 'नंदा देवी' 17 मार्च को कांडला बंदरगाह (गुजरात) पहुँचेगा। यह खेप देश में गैस की वर्तमान मांग को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
घबराहट में बुकिंग (Panic Booking) से बढ़ी मांग
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, देश में एलपीजी की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि पैनिक बुकिंग की वजह से किल्लत जैसे हालात दिख रहे हैं। युद्ध की स्थिति से पहले जहाँ प्रतिदिन औसत बुकिंग 55.7 लाख थी, वह अब बढ़कर 88 लाख तक पहुँच गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी डीलर के पास स्टॉक खत्म नहीं हुआ है और 5 मार्च से घरेलू उत्पादन में भी 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सड़कों पर कतारें और प्रशासनिक दावे
शुक्रवार को भारत के कई राज्यों, विशेषकर बिहार के विभिन्न जिलों में एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। जमाखोरी की अफवाहों और आपूर्ति बाधित होने के डर से लोग गैस सिलेंडरों के लिए परेशान रहे। हालांकि, केंद्र सरकार और जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि घरों तक एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित है और घबराहट में बुकिंग करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की स्थिति
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय जहाज और मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक कार्यरत हैं और सभी सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है ताकि आपूर्ति व्यवस्था किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।
कच्चे तेल की उपलब्धता और रिफाइनरी क्षमता
सरकार ने जनता को आश्वस्त किया है कि देश में कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति चिंता का विषय जरूर है, लेकिन अभी तक देश में कहीं भी गैस पूरी तरह खत्म होने की नौबत नहीं आई है।