रिकवरी के नाम पर गुंडागर्दी खत्म: बैंकों के लिए जारी हुए सख्त नियम, अब ग्राहकों को परेशान करने पर खैर नहीं, एजेंटों की योग्यता तय
बैंकिंग क्षेत्र में ऋण वसूली (रिकवरी) की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मानवीय बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। अब बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वसूली की प्रक्रिया न केवल कानूनी हो, बल्कि पूरी तरह से मानवीय भी हो।
New Delhi - पिछले कई वर्षों से लोन रिकवरी एजेंट्स द्वारा ग्राहकों के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार और धमकियों की बढ़ती शिकायतों के बाद अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। रिकवरी के दबाव में ग्राहकों द्वारा आत्महत्या जैसे चरम कदम उठाने की खबरों को गंभीरता से लेते हुए, अब बैंकों को अपनी रिकवरी प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने होंगे।
कैसे होंगे रिकवरी एजेंट्स और उनकी योग्यता?
अब बैंक किसी भी व्यक्ति को रिकवरी एजेंट नियुक्त नहीं कर पाएंगे। इसके लिए कुछ कड़े मापदंड तय किए गए हैं:
- प्रशिक्षण अनिवार्य: रिकवरी एजेंट्स के पास इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (IIBF) या संबंधित संस्थानों से प्राप्त डेब्ट रिकवरी एजेंट का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र होना अनिवार्य होगा।
- पृष्ठभूमि की जांच: नियुक्ति से पहले एजेंट की योग्यता और उनके पिछले रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी।
- लिखित सहमति: एजेंट्स को बैंक की आचार संहिता और नीतियों का पालन करने के लिए लिखित सहमति देनी होगी। नियमों के उल्लंघन पर अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
समय और गोपनीयता का रखना होगा ध्यान
ग्राहकों की निजता और उनके समय का सम्मान करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाए गए हैं:
- कॉल का समय: रिकवरी एजेंट ग्राहक को केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही कॉल या संपर्क कर सकते हैं।
- पसंद की जगह: संपर्क ग्राहक की पसंद की जगह पर ही किया जाएगा। कार्यस्थल या घर पर जाने की अनुमति तभी होगी जब अन्य विकल्प न बचें।
- गोपनीयता: ग्राहक की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और एजेंट्स के साथ केवल उतनी ही जानकारी साझा की जाएगी जितनी वसूली के लिए जरूरी हो।
- विशेष अवसरों पर पाबंदी: परिवार में मृत्यु, शादी या प्रमुख त्योहारों जैसे दुखद या मांगलिक अवसरों पर कॉल या विजिट करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पारदर्शिता के लिए 'पब्लिक लिस्ट' और कॉल रिकॉर्डिंग
अब बैंकों को अपनी प्रक्रिया को सार्वजनिक करना होगा ताकि ग्राहक किसी धोखाधड़ी का शिकार न हों:
- अपडेटेड सूची: बैंक अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर रिकवरी एजेंट्स के नाम, नंबर और अनुबंध की अवधि प्रदर्शित करेंगे।
- कॉल रिकॉर्डिंग: वसूली के लिए की जाने वाली सभी कॉल रिकॉर्ड की जाएंगी और ग्राहक को इसकी सूचना दी जाएगी।
- अग्रिम सूचना: रिकवरी केस किसी एजेंट को सौंपने से पहले बैंक ग्राहक को एसएमएस, ईमेल या लिखित नोटिस के जरिए उस एजेंट की जानकारी देगा।
कठोर व्यवहार और धमकी पर सख्त मनाही
वसूली के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या मानसिक प्रताड़ना को अपराध माना जाएगा:
- गाली-गलौज और हिंसा: एजेंट्स द्वारा गाली-गलौज, शारीरिक हिंसा की धमकी या परिवार और दोस्तों को परेशान करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- सोशल मीडिया: ग्राहकों को सोशल मीडिया पर अनुचित मैसेज भेजना या उन्हें सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना भी वर्जित है।
- शिकायत पर रोक: यदि ग्राहक बैंक में कोई शिकायत दर्ज कराता है, तो शिकायत के निपटारे तक रिकवरी प्रक्रिया को रोकना होगा।