खूनी बदला: 15 महीने बाद खुला राज! दोस्तों ने ही घोंटा था विशाल का गला, लाश तक नहीं देख पाए परिजन

वैशाली पुलिस ने 15 महीने पहले हुए विशाल कुमार के अपहरण मामले का चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपमान का बदला लेने के लिए दोस्तों ने ही पार्टी के बहाने बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी।

खूनी बदला: 15 महीने बाद खुला राज! दोस्तों ने ही घोंटा था विश

Vaishali -  वैशाली जिले में 'अपनों' की गद्दारी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। पुलिस ने 15 महीने पुराने अपहरण कांड की गुत्थी सुलझाते हुए खुलासा किया है कि 27 वर्षीय विशाल कुमार की हत्या उसके ही जिगरी दोस्तों ने मिलकर की थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है।

जन्मदिन की पार्टी और मौत का बुलावा 

सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि 17 जनवरी 2025 को सदर थाना क्षेत्र के चंद्रालय निवासी वीणा देवी ने अपने पुत्र विशाल के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि विशाल के दोस्तों—लक्की, अंशु पांडे और अन्य ने उसे एक जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाया था। वहां से उसे दोस्त वासिफ के घर ले जाया गया, जहाँ शराब और स्मैक के नशे में धुत दोस्तों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

अपमान का बदला लेने के लिए रची साजिश 

हत्या की मुख्य वजह पैसे का लेनदेन और आपसी अपमान बताया जा रहा है। दरअसल, कुछ समय पहले विशाल और मुख्य आरोपी लक्की के बीच विवाद हुआ था, जिसमें विशाल ने लक्की को मां-बहन की गालियां देकर बुरी तरह अपमानित किया था। इसी अपमान की आग में जल रहे लक्की ने अपने अन्य दोस्तों के साथ मिलकर विशाल को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। लक्की ने गमछे से गला दबाकर विशाल की जान ले ली, जबकि बाकी दोस्तों ने शव को छिपाने में मदद की।

अज्ञात शव और 15 महीने का इंतजार 

हत्या के बाद आरोपियों ने विशाल के शव को सराय थाना क्षेत्र के एक जंगल में फेंक दिया था। 31 जनवरी 2025 को पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था, जिसकी तब पहचान नहीं हो पाई थी और केस फाइल बंद कर दी गई थी। एसपी विक्रम सिहाग के निर्देश पर जब फाइल दोबारा खुली और तकनीकी अनुसंधान (Technical Data Analysis) किया गया, तो मोबाइल लोकेशन से साफ हो गया कि हत्या के वक्त सभी दोस्त एक साथ थे।

दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश जारी 

एसडीपीओ ने जानकारी दी कि फिलहाल दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। मुख्य आरोपी लक्की और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने बताया कि मृतक विशाल और मुख्य आरोपी लक्की, दोनों का ही पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। चूंकि शव की पहचान नहीं हो पाई थी, इसलिए पुलिस अब डीएनए (DNA) मिलान के जरिए वैज्ञानिक पुष्टि की प्रक्रिया पूरी करेगी।

Report - Rishav kumar