हाजीपुर में निशांत का शानदार स्वागत: फूलों की बारिश और नारों की गूंज के साथ 'सद्भाव यात्रा' का भव्य आगाज

Bihar News : पूर्व सीएम नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार अपनी सद्भाव यात्रा की शुरुआत करने के लिए पटना से चंपारण के लिए रवाना हो गए। चंपारण जाने के क्रम में हाजीपुर ने निशांत का भव्य स्वागत किया गया। बुलडोजर से उनपर फूल बरसाए गए....

हाजीपुर में निशांत का शानदार स्वागत: फूलों की बारिश और नारों
हाजीपुर में निशांत का शानदार स्वागत- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते हुए अपनी 'सद्भाव यात्रा' का शंखनाद कर दिया है। अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए निशांत ने पश्चिमी चंपारण से इस यात्रा की शुरुआत की है। इस यात्रा को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसकी एक झलक हाजीपुर में तब दिखी जब कार्यकर्ताओं ने जेसीबी (बुलडोजर) पर चढ़कर उन पर फूलों की भारी बारिश की।


नीतीश-निशांत जिंदाबाद के नारे से गुंजायमान रहा शहर

हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच 22 पर स्थित दिग्घी के पास का नजारा किसी उत्सव जैसा था। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता घंटों पहले से अपने नेता का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा का काफिला वहां पहुंचा, पूरा इलाका 'निशांत भैया जिंदाबाद' और 'नीतीश कुमार जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ताओं ने निशांत को फूल मालाओं से लाद दिया। कार्यकर्ताओं का यह जोश बता रहा था कि वे निशांत को एक बड़ी भूमिका में देखने के लिए कितने आतुर हैं।


वाहन से उतर कार्यकर्ताओं के बीच गए निशांत

भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए निशांत कुमार ने अपने वाहन (रथ) की छत पर चढ़कर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि उन्होंने नीचे उतरकर कुछ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद भी किया, लेकिन अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण सुरक्षा घेरा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया था। निशांत ने मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर सभी का आभार प्रकट किया, जिसके बाद उनकी यात्रा का काफिला मुजफ्फरपुर की ओर बढ़ गया।


इस मौके पर निशांत कुमार ने मीडिया से भी मुखातिब होने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों के हुजूम और शोर-शराबे के कारण वे विस्तृत बातचीत नहीं कर पाए और वापस अपनी बस में बैठ गए। गौरतलब है कि इस यात्रा में उनके साथ जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी मौजूद थे, जो इस बात का संकेत है कि इस यात्रा को पार्टी का पूरा संगठनात्मक समर्थन प्राप्त है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह यात्रा निशांत के लिए जनता की नब्ज टटोलने का एक बड़ा माध्यम बनेगी।


निशांत की यह 'सद्भाव यात्रा' ठीक उसी तरह एक यात्रा से शुरू हो रही है, जैसे उनके पिता नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण यात्राएं की हैं। पश्चिमी चंपारण से शुरू होकर बिहार के विभिन्न हिस्सों तक जाने वाली यह यात्रा राज्य के सियासी समीकरणों में क्या बदलाव लाती है, यह तो वक्त बताएगा। लेकिन हाजीपुर में हुए इस 'बुलडोजर' स्वागत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच निशांत अपनी पकड़ मजबूत कर चुके हैं।


रिषभ की रिपोर्ट