प्रेम विवाह के महज 1 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप
Bihar News : वैशाली जिले से एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति का मामला सामने आया है। मृतका ने महज एक महीने पहले ही प्रेम विवाह किया था। मायके वालो ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है....
Vaishali : जिले के लालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कोआ मोहब्बतपुर गांव में प्रेम विवाह के महज एक महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बीते 29 अप्रैल को 20 वर्षीय अशगरी खातून का शव उसके ससुराल स्थित कमरे में चौकी पर पड़ा मिला। इस घटना के बाद गांव में मातम और तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
प्रेम विवाह के बाद परदेश चला गया था पति
जानकारी के अनुसार, मृतका अशगरी खातून का निकाह गांव के ही अरमान साह के साथ एक महीने पहले ही सामाजिक सहमति से संपन्न हुआ था। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। निकाह के कुछ ही दिनों बाद पति अरमान रोजगार के लिए परदेश चला गया, जिसके बाद अशगरी अपनी सास और अन्य ससुराल वालों के साथ रह रही थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान ससुराल में किसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था।
ससुराल पक्ष का आत्महत्या का दावा, मायके वालों ने कहा 'मर्डर'
घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोगों का कहना है कि अशगरी ने आत्महत्या की है, लेकिन मायके पक्ष ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। मृतका के पिता और परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है। शव जिस हालत में चौकी पर मिला, उससे मायके वालों का संदेह और गहरा गया है। परिजनों के चीत्कार से अस्पताल और गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।
FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, सास हिरासत में
सूचना मिलते ही लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल और थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो, इसके लिए मुजफ्फरपुर से एफएसएल (FSL) की टीम बुलाई गई। टीम ने घटनास्थल और उस चौकी का बारीकी से निरीक्षण किया जहां शव मिला था। मौके से एक संदिग्ध कपड़ा और अन्य वैज्ञानिक नमूने इकट्ठा किए गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका की सास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, हाजीपुर भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला काफी संदिग्ध है, इसलिए हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और एफएसएल की वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या सोची-समझी हत्या। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है।
रिषभ की रिपोर्ट