वैशाली में बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा:आधार क्लोनिंग के साथ-साथ सरकारी योजनाओं में भी कर रहे थे सेंधमारी, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार

Bihar News : वैशाली पुलिस ने ऐसे शातिर साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो 'कस्टमर सर्विस पॉइंट' (CSP) की आड़ में राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा था। मामले में मास्टर माइंड समेत 3 को गिरफ्तार किया है...

वैशाली में बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा:आधार क्लोनिंग के
तीन साइबर फ्रॉड गिरफ्तार- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी गिरोह का खुलासा किया है, जो 'कस्टमर सर्विस पॉइंट' (CSP) की आड़ में राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा था। पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने बताया कि यह गिरोह न केवल लोगों के फिंगरप्रिंट क्लोन करता था, बल्कि नकली आधार कार्ड बनाकर सरकारी योजनाओं में भी सेंधमारी कर रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुजफ्फरपुर का एक मास्टरमाइंड इस पूरे गोरखधंधे को एयरटेल पेमेंट बैंक के आउटलेट के जरिए संचालित कर रहा था।


गुप्त सूचना पर बीबीपुर चौक पर छापेमारी 

इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस को बेलसर थाना क्षेत्र के बीबीपुर चौक पर स्थित एक आउटलेट में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने जब उक्त स्थान पर छापेमारी की, तो वहाँ से तीन आरोपियों को रंगे हाथ दबोचा गया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका उपयोग डिजिटल धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया जा रहा था।


भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद 

पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी उपकरणों का बड़ा जखीरा मिला है। बरामद सामानों में मिनी एटीएम मशीनें, फिंगरप्रिंट क्लोन करने वाली मशीनें, 30 से अधिक आधार कार्ड, लैपटॉप, बायोमेट्रिक मशीनें, कैमरा, मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। एसपी ने बताया कि बरामद आधार कार्डों और मशीनों की गहनता से जांच की जा रही है ताकि इनके दुरुपयोग की सीमा का पता लगाया जा सके।


मुजफ्फरपुर का गिरोह का मास्टरमाइंड 

पुलिस के अनुसार, इस पूरे गिरोह का संचालन मुजफ्फरपुर निवासी धर्मेंद्र पंडित कर रहा था। वह न केवल खुद इस अवैध धंधे में शामिल था, बल्कि उसने अन्य युवकों को बाकायदा फिंगरप्रिंट क्लोन करने और नकली आधार बनाने का प्रशिक्षण भी दिया था। यह गिरोह फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उन अपराधियों और संदिग्ध तत्वों को सप्लाई करता था जो गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि ये नकली दस्तावेज देश के अन्य राज्यों में भी भेजे जा रहे थे।


राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरागहन पूछताछ जारी 

एसपी विक्रम सिहाग ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है, क्योंकि नकली पहचान पत्रों का उपयोग देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है। गिरफ्तार तीनों अपराधियों से फिलहाल पुलिस की विशेष टीम कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक इस गिरोह ने कितने लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की है और इनके तार किन-किन बड़े अपराधी समूहों से जुड़े हुए हैं। इस खुलासे के बाद जिले के अन्य सीएसपी केंद्रों की भी निगरानी बढ़ा दी गई है।


रिषभ की रिपोर्ट