हरिद्वार में सुपौल के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, घर पहुंची खबर से परिजनों में मचा कोहराम
Supaul : बिहार के सुपौल जिले के लिए उत्तराखंड से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 11 निवासी अरविंद कामत की हरिद्वार में अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। जैसे ही इस अनहोनी की सूचना फोन के जरिए सुपौल स्थित उनके पैतृक घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के माता-पिता और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
कई वर्षों से हरिद्वार की फैक्ट्री में काम कर रहे थे अरविंद
मृतक के लाचार पिता ने बताया कि अरविंद कामत पिछले कई सालों से उत्तराखंड के हरिद्वार की एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी का काम करते थे। वे अपनी मेहनत के बल पर ही अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। पिता के अनुसार, उन्हें अचानक फोन पर बेटे की मौत की खबर दी गई, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल मौत किन परिस्थितियों में और किस वजह से हुई, इसकी कोई स्पष्ट और सटीक जानकारी अब तक सामने नहीं आ सकी है।
शव के सुपौल पहुंचने का इंतजार, सांत्वना देने पहुंचे लोग
इस दुखद घटना की खबर जैसे ही वार्ड संख्या 11 और आसपास के मोहल्ले में फैली, पूरे समाज में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और समाज के लोग पीड़ित परिवार ढांढस बंधाने और सांत्वना देने उनके घर पहुंचने लगे। घर पर कोहराम का माहौल है और सभी परिजन अत्यंत व्याकुल होकर अरविंद के पार्थिव शरीर के हरिद्वार से सुपौल पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।
शांत और मिलनसार स्वभाव के थे अरविंद, समाज में शोक की लहर
स्थानीय निवासी महेश देव ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि अरविंद कामत बेहद शांत, सरल, कर्मठ और मिलनसार स्वभाव के युवक थे। वे दूर रहकर भी अपने परिवार के प्रति बेहद जिम्मेदार थे और हर सुख-दुख में सबका साथ देते थे। उनकी इस तरह अचानक और असमय हुई मृत्यु से पूरे इलाके के लोग स्तब्ध हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि अरविंद का व्यवहार सभी के प्रति बहुत ही आदरपूर्ण था और समाज को उनकी कमी हमेशा खलेगी।
मामले की निष्पक्ष जांच और सरकारी सहायता की मांग
इस अप्रत्याशित घटना के बाद से पूरे नगर परिषद क्षेत्र के संबंधित वार्ड में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार इस समय गहरे मानसिक आघात से गुजर रहा है। उधर, स्थानीय बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उत्तराखंड पुलिस से संपर्क कर मामले की पूरी जानकारी और मौत के कारणों की निष्पक्ष रिपोर्ट मंगवाई जाए। साथ ही, गरीब पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत हर संभव आर्थिक व प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट