सुपौल 'आत्मा' में करोड़ों के गबन की आशंका, बिना सूचना गायब लेखापाल हर्ष रंजन पर FIR दर्ज
Bihar News : सुपौल जिले के कृषि विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था 'आत्मा' (ATMA) में सरकारी राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितता का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मामला सामने आने के बाद डीएम ने बड़ा एक्शन लिया है.....
Supaul : जिले के कृषि विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था 'आत्मा' (ATMA) में सरकारी राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितता का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यह पूरा विवाद किसान सलाहकारों के वेतन से नियमित रूप से काटे जाने वाले कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) अंशदान की राशि उनके खातों में जमा नहीं होने के बाद शुरू हुआ। शुरुआती विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि निर्धारित भविष्य निधि खाते में राशि भेजने के बजाय, उसे इंटरनेट बैंकिंग के जरिए अन्य अज्ञात खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी लेखापाल के खिलाफ सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
11 मई को किसान सलाहकारों ने जिला कृषि पदाधिकारी से की थी लिखित शिकायत
इस पूरे मामले की शुरुआत बीते 11 मई 2026 को हुई, जब जिले के कई किसान सलाहकारों ने जिला कृषि पदाधिकारी को एक संयुक्त लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके वेतन से हर महीने EPF की राशि तो काटी जा रही है, लेकिन वह उनके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जुड़े खातों में दिखाई नहीं दे रही है। इस शिकायत पर जब विभाग ने आत्मा के लेखापाल हर्ष रंजन से स्पष्टीकरण मांगा, तो उन्होंने इसे महज एक तकनीकी समस्या बताते हुए जल्द ठीक करने का झांसा दिया। परंतु निर्धारित समय बीतने के बाद भी जब स्थिति नहीं सुधरी, तो कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ गया।
जांच शुरू होते ही मोबाइल बंद कर कार्यालय से फरार हुआ आरोपी लेखापाल
गड़बड़ी की शिकायतें गहराने पर जैसे ही विभागीय स्तर पर जांच की गति तेज हुई, वैसे ही आरोपी लेखापाल हर्ष रंजन 12 मई 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अनुमति के अचानक कार्यालय से गायब हो गया। अधिकारियों द्वारा संपर्क करने का प्रयास किए जाने पर उसका मोबाइल फोन लगातार बंद पाया गया। विभाग ने जब उसके अस्थायी और स्थायी पतों पर खोजबीन करवाई, तब भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। लेखापाल की इस संदिग्ध अनुपस्थिति ने अधिकारियों के संदेह को और पुख्ता कर दिया, जिसके बाद बैंक खातों को खंगालने का निर्णय लिया गया।
भागलपुर EPF कार्यालय की रिपोर्ट में चालानों में मिलीं भारी विसंगतियां
प्रशासनिक आदेश पर बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित परियोजना निदेशक (आत्मा) के खातों की पड़ताल की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया ईपीएफ राशि को दूसरे खातों में अवैध रूप से ट्रांसफर करने के संकेत मिले। जांच को और पुख्ता करने के लिए क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय, भागलपुर से भी सत्यापन कराया गया। भागलपुर कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया, क्योंकि विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए ईपीएफ चालानों की वहां कोई पुष्टि नहीं हो सकी और चालानों में भारी विसंगतियां पाई गईं। इससे साफ हो गया कि जमा राशि और सरकारी दस्तावेजों के बीच बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है।
सदर थाना में एफआईआर संख्या 360/2026 दर्ज, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
साक्ष्यों और रिकॉर्ड में मिली गंभीर विसंगतियों के आधार पर उप परियोजना निदेशक (आत्मा) द्वारा सुपौल सदर थाना में आरोपी हर्ष रंजन के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने एफआईआर संख्या 360/2026 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सरकारी धन का दुरुपयोग और कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल गबन की वास्तविक राशि का आधिकारिक खुलासा विस्तृत वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट