आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच का प्रदर्शन, सरकार को दी यह चेतावनी

आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की मांग को लेकर सवर्ण एकत
आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच का प्रदर्शन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन अथवा इसे वापस लेने और सभी गरीबों को समान अवसर देने की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच के नेताओं और वक्ताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों को इसका फायदा मिल सके।


जातिगत नहींआर्थिक आधार पर बने आरक्षण की नीति

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज के सभी वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार मौजूद हैं। ऐसे में आरक्षण का लाभ जाति के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर तय होना चाहिए। मंच ने सरकार से मांग की कि जो लोग आरक्षण का लाभ उठाकर संपन्न और सक्षम हो चुके हैं, उन्हें इस दायरे से बाहर करने के लिए एक पारदर्शी और ठोस नीति बनाई जाए।


एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर जताई आपत्ति

एससी-एसटी कानून को लेकर भी मंच के सदस्यों ने अपनी गंभीर आपत्ति जताई। नेताओं ने कहा कि समय-समय पर इस कानून के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे निर्दोष लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। सवर्ण एकता मंच ने सरकार से मांग की कि इस कानून की पुनः समीक्षा की जाए और इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएं ताकि किसी भी बेकसूर व्यक्ति को प्रताड़ित न होना पड़े।


मांगे न मानने पर चुनाव में नतीजे भुगतने की दी चेतावनी

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरकार को स्पष्ट राजनीतिक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले चुनावों में इसका बड़ा राजनीतिक असर देखने को मिलेगा। नेताओं ने कहा कि जागरूक जनता बड़े से बड़े राजनीतिक गढ़ और सत्ता के समीकरणों को बदलने की पूरी ताकत रखती है।


'हमारा विरोध किसी समुदाय से नहींसमानता और न्याय की है लड़ाई'

सवर्ण एकता मंच ने प्रेस और आम जनता के सामने स्पष्ट किया कि उनकी यह मांग किसी विशिष्ट जाति या समुदाय के विरोध में नहीं है। उनका उद्देश्य केवल यह है कि समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े हर वर्ग को समान अवसर और न्याय मिले। मंच के प्रतिनिधियों ने सरकार से अपील की है कि वह जनहित और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय ले।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट