महंगाई, बेरोजगारी और छात्र आंदोलन पर राज्यसभा सांसद रंजीत रंजनका केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा
Supaul : सुपौल पहुंचीं राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और देश भर में हो रहे छात्र आंदोलनों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश का आम नागरिक महंगाई से त्रस्त है और युवा अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं।
हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही महंगाई, बजट हुआ पस्त
रंजीत रंजन ने कहा कि महंगाई केवल रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन तक फैल चुकी है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। अभिभावकों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना भारी पड़ रहा है। सरकार को महंगाई पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण लगाना चाहिए।
"छात्रों को आश्वासन नहीं, रोजगार और पारदर्शी परीक्षाएं चाहिए"
छात्र आंदोलनों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि वे अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, तो सरकार को लाठी या दमन के बजाय उनसे संवाद स्थापित करना चाहिए:
- पारदर्शिता: परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, देरी व अनिश्चितता खत्म कर पारदर्शिता लाई जाए।
- समयबद्धता: प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी हो।
- रोजगार: युवाओं को कोरे आश्वासनों की जगह वास्तविक रोजगार के अवसर दिए जाएं।
पलायन पर जताई चिंता, कोसी-सीमांचल की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग
बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरते हुए सांसद ने कहा कि बिहार से युवाओं का पलायन लगातार जारी है। राज्य में ही कृषि, उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर युवाओं को रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सुपौल सहित कोसी व सीमांचल क्षेत्र में बाढ़, कटाव, किसानों की समस्याओं और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर स्थायी नीति बनाने की पुरजोर मांग की।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट