सड़क सुरक्षा पर सांसद की बड़ी बैठक: 'गुड समैरिटन' को मिलेंगे 25 हजार, 9 मई को लोक अदालत में निपटेंगे लंबित ई-चालान

सड़क सुरक्षा पर सांसद की बड़ी बैठक: 'गुड समैरिटन' को मिलेंगे

Supaul : जिले में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से सोमवार को सांसद दिलेश्वर कामेत की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। लहटन चौधरी सभागार में हुई इस बैठक में जिला पदाधिकारी सावन कुमार, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और पुलिस-परिवहन विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर "तैयारी-केंद्रित" दृष्टिकोण अपनाने और आमजन को जागरूक करने के लिए कई नवाचारी योजनाओं पर चर्चा की गई।


'गोल्डन आवरऔर नेक व्यक्तियों के लिए प्रोत्साहन 

बैठक में सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे यानी "गोल्डन आवर" के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। सांसद ने बताया कि "राहवीर योजना" और "गुड समैरिटन" प्रावधान के तहत घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सहायता करने वाले नेक व्यक्तियों को किसी भी तरह की कानूनी पूछताछ या पुलिसिया कार्यवाही से पूर्ण संरक्षण प्राप्त है, ताकि लोग बिना किसी डर के घायलों की मदद के लिए आगे आ सकें।


नए ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन और बुनियादी सुधार 

विभिन्न विधायकों के सुझाव पर पिपरा खुर्द, झाझा, चिकनी, करियो चौक और बगही चौक को नए 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में चिन्हित करने का निर्णय लिया गया। इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेत, रोड मार्किंग और रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) को धुंधली हो चुकी सड़कों की सफेद पट्टियों को तत्काल दुरुस्त करने का आदेश दिया गया है ताकि रात्रि के समय दृश्यता बनी रहे और दुर्घटनाओं पर लगाम लग सके।


ई-रिक्शा पर सख्ती और जाम से मुक्ति की योजना 

शहरों में बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए समिति ने बिना निबंधन के चल रहे ई-रिक्शा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ई-रिक्शा के संचालन के लिए विशिष्ट रूट और समय का निर्धारण करें। इसके अलावा, यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और निरस्त करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। ओवरस्पीडिंग और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी।


लंबित चालानों के निपटारे के लिए विशेष योजना 

बैठक में “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना, 2026” की समीक्षा की गई। इसके तहत 90 दिनों से अधिक समय से लंबित ई-चालानों का निष्पादन आगामी 9 मई 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में किया जाएगा। सांसद ने निर्देश दिया कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि वाहन मालिक अपने लंबित जुर्मानों का सरल तरीके से निपटारा कर सकें। साथ ही, जनता की सुविधा के लिए यातायात नियमों और दंड के प्रावधानों वाली एक विशेष 'बुकलेट' भी जल्द ही जारी की जाएगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट