सुपौल में आसमानी बिजली का कहर : फसल बचाने गए युवक की ठनका के चपेट में आने से मौत, परिवार में मचा कोहराम

Bihar News : सुपौल जिले में कुदरत की कहर ने एक युवक की जान ले ली। तेज बारिश के कारण अपने मक्का के फसल बचाने गए युवक की ठनका के चपेट में आने से मौत हो गई। 26 वर्षयी युवक की असामयिक मौत से परिवार मे कोहराम मचा हुआ है....

सुपौल में आसमानी बिजली का कहर :  फसल बचाने गए युवक की ठनका क
ठनका के चपेट में आने से युवक की मौत- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul :  जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां वीरपुर थाना क्षेत्र के हृदयनगर पंचायत में वज्रपात (ठनका) की चपेट में आने से एक 26 वर्षीय युवक की असामयिक मौत हो गई। मृतक की पहचान हृदयनगर पंचायत के वार्ड संख्या 01 निवासी जीवन पासवान के रूप में हुई है। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


मक्के की फसल को भीगने से बचाने निकला था युवक

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम से ही पूरे इलाके में तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश और भारी मेघ गर्जन हो रही थी। इसी दौरान खेत में सुखाकर रखे गए मक्के को पानी से भीगने से बचाने की चिंता में जीवन पासवान रात करीब नौ बजे घर से बाहर निकला। स्थानीय लोगों और परिजनों ने खराब मौसम को देखते हुए उसे बाहर न जाने की सलाह भी दी थी, लेकिन फसल बर्बाद होने के डर से वह मोबाइल की रोशनी के सहारे खेत की ओर बढ़ गया, जो उसके लिए काल साबित हुआ।


रास्ते में सीधे ऊपर गिरा ठनका, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

खेत और घर के बीच रास्ते से गुजरने के दौरान ही अचानक तेज गर्जना के साथ आसमानी बिजली (ठनका) सीधे जीवन के ऊपर आ गिरी। वज्रपात का झटका इतना जोरदार था कि युवक का मोबाइल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका शरीर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद आस-पास के ग्रामीणों और परिजनों ने आनन-फानन में उसे ललित नारायण अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वीरपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुपौल सदर अस्पताल भेज दिया।


तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, रो-रोकर बुरा हाल

इस हादसे ने एक हंसते-खेलते अत्यंत गरीब परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि मृतक जीवन पासवान की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। उसकी मौत के बाद अब पीछे उसकी पत्नी और तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत के बाद पीड़ित परिवार के सामने जीवन-यापन और पाल-पोषन का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, जिससे पूरे मोहल्ले की आंखें नम हैं।


अंचलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को दिया सरकारी सहायता का भरोसा

घटना की प्रशासनिक संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को बसंतपुर के अंचलाधिकारी (सीओ) हेमंत कुमार पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। अंचलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से आपदा राहत मद के तहत मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि इस संकट की घड़ी में परिवार को आर्थिक संबल मिल सके।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट