निर्मली और वीरपुर के लिए ऐतिहासिक दिन: मुख्य न्यायाधीश ने किया व्यवहार न्यायालय का उद्घाटन, अब स्थानीय स्तर पर मिलेगा सुलभ न्याय

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निर्मली और वीरपुर में व्यवहार न्यायालय का उद्घाटन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के निर्मली और वीरपुर अनुमंडल के लिए शनिवार का दिन न्यायिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने निर्मली पहुँचकर नवनिर्मित व्यवहार न्यायालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। उनके आगमन पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस नए न्यायालय के शुरू होने से क्षेत्र के लाखों लोगों को अब न्यायिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय की लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।


उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने शिलापट्ट का अनावरण कर और फीता काटकर भव्य भवन का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने परिसर का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का जायजा लिया। अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालय महज एक ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि आम जनता के अटूट विश्वास और न्याय की उम्मीद का केंद्र होता है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का निर्देश दिया।


इस नवनिर्मित भवन के संचालन से निर्मली और वीरपुर अनुमंडल के नागरिकों के समय, धन और श्रम की भारी बचत होगी। स्थानीय लोगों को अब त्वरित और प्रभावी न्याय उनके अपने ही क्षेत्र में सुलभ होगा। मुख्य न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय व्यवस्था की मजबूती ही लोकतंत्र की असली आधारशिला है। इस ऐतिहासिक पहल को न्याय तक आसान पहुँच की दिशा में एक बड़ा 'मील का पत्थर' माना जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी।


समारोह में बिहार सरकार के विधि विभाग के अधिकारियों समेत पटना हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश, जिला जज, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। अतिथियों ने भवन की आधुनिक संरचना की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कानूनी सेवाओं का विस्तार होने से आम आदमी को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। अधिवक्ताओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में कानूनी कामकाज को एक नई गति और दिशा प्राप्त होगी।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी और सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। स्थानीय नागरिकों और गणमान्य लोगों ने इस ऐतिहासिक शुरुआत के लिए उच्च न्यायालय और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। निर्मली व्यवहार न्यायालय का उद्घाटन न केवल न्याय के क्षेत्र में बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट