भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट: घुसपैठ और तस्करी रोकने को तैनात हुई एपीएफ, डीआईजी ने किया औचक निरीक्षण

भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट: घुसपैठ और तस्करी रोकने को तैना
भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ और तस्करी रोकने को एपीएफ तैनात- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : नेपाल में रोहिंग्याओं की संभावित घुसपैठ, तस्करी और मानव तस्करी के बढ़ते खतरों के बीच भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा घेरा बेहद सख्त कर दिया गया है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सशस्त्र पुलिस बल (APF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रख रही हैं।


डीआईजी ने सीमा चौकियों का लिया जायजा 

इसी सुरक्षा कवायद के बीच एपीएफ के नंबर-1 ब्रिगेड कमांडर और डीआईजी मनीष थापा ने सुनसरी जिले के भंटाबारी, श्रीपुर समेत कई प्रमुख बॉर्डर पोस्ट का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राउंड जीरो पर तैनात जवानों से वर्तमान सुरक्षा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। डीआईजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निगरानी व्यवस्था में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पेट्रोलिंग को और अधिक सघन बनाया जाए।


तस्करी और घुसपैठ की आशंका से बढ़ी चौकसी 

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में खुफिया इनपुट्स मिले हैं, जिनमें सीमाई इलाकों में ड्रग ट्रैफिकिंग, हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी और गैर-कानूनी घुसपैठ की गतिविधियों में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए नेपाल एपीएफ के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। मुख्य मार्गों के साथ-साथ पगडंडियों पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।


खुली सीमा बनी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती 

भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण घुसपैठियों और तस्करों के लिए अवैध रास्तों का इस्तेमाल करना आसान होता है। इसी खतरे को भांपते हुए सुरक्षा बल अब अत्याधुनिक उपकरणों और आपसी समन्वय के साथ निगरानी बढ़ा रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं, जो सीमा के करीब होने वाली हर हलचल की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे रहे हैं।


सघन जांच के बाद ही मिल रहा प्रवेश 

वर्तमान में सीमा पर स्थित चेकपोस्टों पर आने-जाने वाले लोगों की सघन तलाशी ली जा रही है। पहचान पत्रों की बारीकी से जांच के बाद ही लोगों को सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य केवल अवैध गतिविधियों को रोकना नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण आवाजाही को सुरक्षित बनाना भी है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट