Bihar News : ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं देशवासी, मंत्री संतोष सुमन ने कहा- पीएम की अपील को गंभीरता से लेने की आवश्यकता
Bihar News : बिहार सरकार के मंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने ऊर्जा संरक्षण और वैचारिक सुचिता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा की.......
PATNA : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन ने देशवासियों से प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से लेने का आग्रह करते हुए कहा है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचाने और अनावश्यक रूप से गाड़ियों का उपयोग कम करने की अपील दूरदर्शी सोच का परिचायक है। पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने से न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
डॉ सुमन ने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए पैदल चलने, साइकिल के उपयोग, सार्वजनिक परिवहन तथा साझा वाहन व्यवस्था को अपनाएं, तो ईंधन की बड़ी मात्रा बचाई जा सकती है। इससे आम लोगों के खर्च में भी कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि देशहित में प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए तथा ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना चाहिए। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) प्रधानमंत्री की इस अपील का समर्थन करती है और आम जनता से सहयोग की अपेक्षा करती है।
वहीँ मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री उधयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को समाप्त करने संबंधी दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी अत्यंत घातक, दुर्भाग्यपूर्ण एवं समाज में वैमनस्य फैलाने वाली है। उन्होंने कहा कि देश और समाज में घृणा फैलाकर राजनीति करने की मानसिकता लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिए बड़ा खतरा है। किसी भी धर्म, आस्था और परंपरा के विरुद्ध इस तरह की भाषा का प्रयोग किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। न्यायालय को भी ऐसे मामलों पर स्वतः संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि समाज में नफरत फैलाने वालों को स्पष्ट संदेश मिल सके।
डॉ सुमन ने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना “वसुधैव कुटुंबकम” रही है। सनातन ने सदैव सबको सम्मान देने, साथ लेकर चलने तथा मानवता की रक्षा का संदेश दिया है। सनातन की छत्रछाया में सभी वर्गों और समुदायों के लोग सदियों से अमन-चैन और भाईचारे के साथ जीवन जीते आए हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सनातन की बुराई करने वाले और इसे समाप्त करने का सपना देखने वाले स्वयं समय के साथ समाप्त हो गए, लेकिन सनातन आज भी अमर है और आगे भी अमर रहेगा। सनातन केवल धर्म नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन दर्शन है। डॉ सुमन ने देशवासियों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा विभाजनकारी राजनीति करने वालों से सतर्क रहने की अपील की।