अवैध किराया वसूली पर प्रशासन का सख्त एक्शन: डीटीओ ने 22 बसों में चढ़कर खुद की जांच, नया किराया तय करने का प्रस्ताव भेजा

सुपौल जिले के विभिन्न मार्गों पर यात्री बसों द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने की मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन का डंडा चला है....

अवैध किराया वसूली पर प्रशासन का सख्त एक्शन: डीटीओ ने 22 बसों
बसों में अवैध किराया वसूली पर चला जिला प्रशासन का डंडा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के विभिन्न मार्गों पर संचालित यात्री बसों द्वारा यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने की मिल रही शिकायतों को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को जिला परिवहन विभाग की टीम द्वारा जिले के कई प्रमुख मार्गों पर औचक निरीक्षण सह विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सड़कों पर खुद उतरकर बसों को रुकवाया और उनके भीतर चढ़कर यात्रियों से सीधे संवाद किया।


22 बसों की औचक जांच, यात्रियों से सीधा लिया फीडबैक

जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) डॉ. संजीव कुमार सज्जन के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान कुल 22 यात्री बसों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने बसों के भीतर जाकर यात्रियों से टिकट और किराए से संबंधित पूछताछ की ताकि जमीनी हकीकत और किराया वसूली के तथ्यों का भौतिक सत्यापन किया जा सके। डीटीओ ने बताया कि इस दौरान बस संचालकों को निर्धारित किराया सूची का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने तथा यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की आर्थिक अनियमितता नहीं करने की अंतिम और सख्त चेतावनी दी गई है।


नया किराया निर्धारण के लिए विभाग को भेजा गया प्रस्ताव

दूरी और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए परिवहन विभाग अब किराए की दरों को न्यायसंगत बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सज्जन ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि जिले में बसों के लिए नया किराया निर्धारित (New Fare Fixation) करने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन की ओर से विभाग को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया है। जब तक नया किराया स्वीकृत होकर लागू नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान में तय सरकारी दरों पर ही परिचालन करना अनिवार्य होगा।


नियम तोड़ने वाले बस संचालकों का रद्द हो सकता है परमिट

जिला प्रशासन ने सभी बस स्वामियों, संचालकों और चालकों को कड़े लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। यदि कोई बस संचालक इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act) तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें चालान काटने और अभियोजन दर्ज करने के साथ-साथ बार-बार नियम तोड़ने वाले बस संचालकों के रूट परमिट को रद्द करने की अनुशंसा भी शामिल है।


यात्रियों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता, लगातार जारी रहेगा जांच अभियान

परिवहन विभाग ने साफ किया है कि आम यात्रियों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रियों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या मनमानी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीटीओ ने आम बस स्वामियों से यात्रियों के साथ पारदर्शी और नियमसम्मत व्यवहार करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यह जांच अभियान महज एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी इस प्रकार का सघन और औचक जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट