मुहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट : बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

मुहर्रम पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी सौहार्द के माहौल में संपन्न कराने के लिए सोमवार को सुपौल में एक महत्वपूर्ण अनुमंडल स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनो समुदाय के लोग उपस्थित रहे...

मुहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट : बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जु
मुहर्रम को लेकर शांति समिति की हुई बैठक- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : आगामी मुहर्रम पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी सौहार्द के माहौल में संपन्न कराने के लिए सोमवार को सुपौल में एक महत्वपूर्ण अनुमंडल स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनोहर साहु और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राजीव रंजन की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शांति समिति के प्रबुद्ध सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में विधि-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए गहन मंथन किया गया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सुपौल में हमेशा से सभी त्योहार शांतिपूर्वक मनाए जाते रहे हैं और इस बार भी आपसी सहयोग से परंपरा को कायम रखा जाएगा।


बिना रूट सत्यापन के नहीं मिलेगा लाइसेंस, उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बैठक के दौरान अनुमंडल प्रशासन ने जुलूसों को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनुमंडल क्षेत्र में बिना आधिकारिक लाइसेंस के किसी भी प्रकार का मुहर्रम जुलूस या ताजिया निकालने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी। लाइसेंस जारी करने से पहले संबंधित थाना स्तर पर पुलिस बल द्वारा जुलूस के पारंपरिक मार्गों का भौतिक सत्यापन (रूट वेरिफिकेशन) किया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्य आयोजन से पहले अनुमंडल के सभी थाना क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर भी शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा और समन्वय को मजबूत किया जा सके।


डीजे बजाने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, संवेदनशील चौराहों पर तैनात होंगे मजिस्ट्रेट

त्योहार के दौरान हुड़दंग और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने डीजे के व्यावसायिक इस्तेमाल को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की मोबाइल गश्ती तेज कर दी गई है और पर्व के शुरू होने से पहले ही पुलिस वाहन लगातार क्षेत्रों में भ्रमणशील रहेंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि जुलूस और ताजिया मिलान वाले प्रमुख स्थलों सहित सभी चिन्हित संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।


जबरन चंदा वसूली पर रोक, नशेड़ियों और माहौल बिगाड़ने वालों पर रहेगी विशेष नजर

प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक में मौजूद लोगों से सामाजिक स्तर पर निगरानी रखने की अपील की है। अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि पर्व के नाम पर किसी भी राहगीर या स्थानीय नागरिक से जबरन चंदा वसूली नहीं की जाएगी। इसके अलावा, त्योहार के दौरान नशे का सेवन कर हुड़दंग मचाने वाले और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असमाजिक तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। यदि कोई भी व्यक्ति माहौल खराब करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सोशल मीडिया की अफवाहों से रहें सावधान, भ्रामक संदेश आगे बढ़ाने पर होगी जेल

डिजिटल मोर्चे पर सुरक्षा को लेकर एसडीओ और एसडीपीओ ने आम जनता से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले किसी भी संवेदनशील, भ्रामक या आपत्तिजनक संदेश को बिना पुष्टि किए आगे (फॉरवर्ड) न बढ़ाएं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की साइबर सेल सक्रिय रहेगी। प्रशासन ने कहा कि यदि किसी नागरिक को इंटरनेट या धरातल पर कोई संदिग्ध सामग्री या गतिविधि दिखती है, तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें। बैठक में मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर सहित कई गणमान्य लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट