गयाजी में कोयला कारोबारी पर रंगदारी और धमकी का आरोप, पीड़िता ने आईजी विकास वैभव से लगाई न्याय की गुहार

गया जिले में कोयला व्यवसाय से जुड़े एक विवाद को लेकर भारी सनसनी फैल गई है. इमामगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली सरिता देवी ने मगध रेंज के आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर झारखंड के एक दबंग कोयला कारोबारी मुन्ना सिंह के खिलाफ रंगदारी मांगने और पूरे परिवार

गयाजी में कोयला कारोबारी पर रंगदारी और धमकी का आरोप, पीड़िता
पीड़िता ने आईजी विकास वैभव से लगाई न्याय की गुहार- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले से कोयला व्यवसाय से जुड़ा एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़ेरिया-रानीगंज की रहने वाली सरिता देवी (पति संतोष अग्रवाल) ने सोमवार को मगध रेंज के आईजी विकास वैभव से मुलाकात की। पीड़िता ने झारखंड के प्रतापपुर प्रखंड के कौरा निवासी धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के खिलाफ रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन दबाव बनाने की एक लिखित शिकायत सौंपी है। सरिता देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए मीडिया से कहा, "मेरे पति को ठग कर मुन्ना सिंह अरबपति बना है। अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की जांच करे, तो बड़ा खुलासा होगा कि उसने झारखंड सरकार को कितने करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लगाया है।"


"बनिया समाज के हैं, इसलिए किया जा रहा प्रताड़ित; गुंडागर्दी के आगे नहीं झुकेंगे"

पीड़िता सरिता देवी ने आईजी के समक्ष रो-रोकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई और समाज को लेकर भी अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, "हम बनिया समाज के सीधे-साधे लोग हैं, इसलिए हमें निशाना बनाकर सताया जा रहा है। कोई भी कथित बकाया राशि होगी, तो उसका निपटारा केवल और केवल कानून के दायरे में किया जाएगा। हम किसी भी तरह की गुंडागर्दी या दबंगई के आगे कतई नहीं झुकेंगे।" पीड़िता ने बताया कि उनके पति पिछले कई वर्षों से कोयला कारोबार में एजेंट के रूप में कार्य करते थे, और इसी दौरान मुन्ना सिंह द्वारा उन पर लगातार व्यापार को लेकर अनुचित दबाव बनाया जाता रहा। उनके पति पूरी बकाया राशि का भुगतान कर यह व्यावसायिक संबंध समाप्त करना चाहते थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है।


एक हफ्ते से घर पर डेरा जमाए हैं आरोपी, पहले भी गया के तत्कालीन एसएसपी से की गई थी शिकायत

मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए सरिता देवी ने बताया कि विवाद नया नहीं है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी उनके पति ने गया के तत्कालीन एसएसपी को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय शिकायत में कहा गया था कि डरा-धमकाकर और दबाव बनाकर उनसे एक अवैध एग्रीमेंट (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर करा लिए गए हैं, जिसके बाद से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से मुन्ना सिंह और उसके हथियारबंद सहयोगी उनके रानीगंज स्थित आवास पर डेरा जमाए हुए हैं और मोटी रंगदारी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी बड़ी साजिश के तहत उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने या किसी अप्रिय घटना (जानलेवा हमले) को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है।


रांची, खूंटी और प्रतापपुर में करोड़ों की बेनामी संपत्ति; केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग

आईजी को सौंपे गए शिकायती पत्र में सरिता देवी ने धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की कथित तौर पर अर्जित की गई अकूत चल-अचल संपत्तियों का भी पूरा ब्यौरा संलग्न किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुन्ना सिंह ने कोयला कारोबार में हेरफेर कर रांची, खूंटी, प्रतापपुर और इमामगंज सहित कई अन्य प्रमुख स्थानों पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां खड़ी कर ली हैं। पीड़िता ने मगध रेंज के आईजी विकास वैभव से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED या आयकर विभाग) द्वारा मुन्ना सिंह की इन संपत्तियों की व्यापक जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।


न्याय न मिलने पर इमामगंज थाना परिसर के सामने पूरे परिवार के साथ आत्मदाह की चेतावनी

दबंगों के खौफ और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर पीड़िता ने जिला प्रशासन और पुलिस को एक बेहद आत्मघाती चेतावनी भी दी है। सरिता देवी ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि स्थानीय पुलिस द्वारा उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान नहीं की गई और मुन्ना सिंह का कथित दबाव व धमकियां जारी रहीं, तो वे अपने पूरे परिवार के साथ इमामगंज थाना परिसर के सामने सामूहिक आत्मदाह जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाएंगी। हालांकि, उन्होंने आईजी विकास वैभव की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए अपील की है कि समय रहते पुलिस बल को निर्देशित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कानून के दायरे में पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए।

मनोज की रिपोर्ट