सुपौल में नाव पलटने से मची अफरा-तफरी, डीएम-एसपी की तत्परता से टला बड़ा हादसा

सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही अंचल अंतर्गत 36.40 स्पर के पास मंगलवार सुबह एक नाव असंतुलित होकर पलट गई, जिससे घाट पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सूचना मिलते ही डीएम व एसपी की अगुवाई में पहुंचे प्रशासनिक अमले की त्वरित कार्रवाई से सभी को सकुशल बचा लिया

सुपौल में नाव पलटने से मची अफरा-तफरी, डीएम-एसपी की तत्परता स
सुपौल में नाव पलटने से मची अफरा-तफरी- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के सरायगढ़-भपटियाही अंचल क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक नाव पलटने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना सुबह करीब 8:45 बजे 36.40 स्पर के नजदीक हुई। हालांकि, जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, स्थानीय नाविकों की मुस्तैदी और आपदा प्रबंधन की टीमों की सक्रियता के कारण एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। राहत की बात यह रही कि नाव पर सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित निकाल लिए गए और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।


सूचना मिलते ही घटनास्थल पर दौड़े डीएम सावन कुमार और एसपी

नाव पलटने की गंभीर सूचना मिलते ही सुपौल के जिलाधिकारी (डीएम) सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरथ आर.एस. बिना कोई वक्त गंवाए तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का खुद जायजा लिया और स्थानीय लोगों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। डीएम ने तत्काल राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की तथा मातहत अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।


ओवरलोडिंग पर रोक और सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता का निर्देश

घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नाव संचालन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की कड़ाई से समीक्षा की। उन्होंने जलमार्गों पर चलने वाली सभी नावों के नियमित भौतिक निरीक्षण का आदेश दिया। डीएम सावन कुमार ने स्पष्ट कहा कि नावों में क्षमता से अधिक यात्रियों या सामान को बैठाने (ओवरलोडिंग) पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, सभी नावों में लाइफ जैकेट जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होना अनिवार्य किया जाए।


संवेदनशील घाटों पर तैनात रहेंगे आपदा मित्र, नाविकों को मिलेगी ट्रेनिंग

नदी क्षेत्रों में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष रूप से संवेदनशील और जोखिम भरे घाटों पर 'आपदा मित्रों' की निरंतर तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मिलकर नाव परिचालन की रीयल-टाइम निगरानी करें। इसके अतिरिक्त, नाव चालकों को समय-समय पर सुरक्षा संबंधी तकनीकी प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन के गुर सिखाने पर भी बल दिया गया।


बरसात से पहले प्रशासन अलर्ट, स्थानीय लोगों ने की तारीफ

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नदी क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और नाविकों से अपील की है कि वे आगामी बरसात और बाढ़ के मौसम को देखते हुए नदी पार करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें। इधर, हादसे की सूचना पर महज कुछ ही मिनटों में जिला कप्तान और कलेक्टर सहित पूरी प्रशासनिक मशीनरी के घाट पर पहुँच जाने और तत्परता दिखाने की स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट