मांझर कुंड में अचानक बढ़ा पानी का बहाव, चट्टान पर फंसे 2 युवक, 3 घंटे तक चली जिंदगी की जद्दोजहद

Bihar Flood: तेज धार और चारों तरफ पानी से घिरे युवकों के सामने करीब तीन घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद की स्थिति बनी रही।...

Manjhar Kund
बाढ़ में चट्टान पर फंसे 2 युवक- फोटो : reporter

Bihar Flood:रोहतास जिले के सासाराम स्थित प्रसिद्ध मांझर कुंड जलप्रपात में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक पानी का बहाव तेज होने के कारण दो युवक बीच जलधारा में चट्टान पर फंस गए। तेज धार और चारों तरफ पानी से घिरे युवकों के सामने करीब तीन घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद की स्थिति बनी रही। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

मांझर कुंड पर हुई इस घटना ने एक बार फिर जलप्रपात और पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरसात के मौसम में पहाड़ी इलाकों से अचानक पानी आने की वजह से जलधाराओं का मिजाज कभी भी बदल सकता है। ऐसे में चट्टानों और जलधारा के बीच जाने वाले पर्यटकों के लिए मामूली लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।

जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक मांझर कुंड जलप्रपात घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान वे पानी के बीच मौजूद चट्टान की तरफ चले गए। अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और देखते ही देखते दोनों युवक वापस निकलने की स्थिति में नहीं रहे। पानी की तेज धार के बीच दोनों चट्टान पर ही फंसे रह गए।घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। युवकों को चट्टान पर फंसा देखकर उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश शुरू की गई। तेज पानी के बीच रेस्क्यू का काम आसान नहीं था। करीब तीन घंटे तक चली मशक्कत के बाद दोनों युवकों को आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो राष्ट्रीय लोक जनता दल  के रोहतास जिला अध्यक्ष कपिल कुशवाहा ने अपने मोबाइल फोन से बनाया। कपिल कुशवाहा के मुताबिक, वह अपने परिवार के साथ मांझर कुंड घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी की तेज धार के बीच चट्टान पर फंसे दोनों युवकों पर पड़ी। उन्होंने बताया कि दोनों युवक काफी देर तक वहीं फंसे रहे और करीब तीन घंटे बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

मांझर कुंड रोहतास के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है और बरसात के मौसम में यहां जलप्रपात का नजारा देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन बारिश के दौरान जलस्तर और बहाव में अचानक होने वाला इजाफा पर्यटकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि ऐसे संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता है।प्रशासन और पर्यटकों के लिए यह घटना एक अहम सबक भी है। जलप्रपात की खूबसूरती के बीच खतरे को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। खासकर बारिश के दौरान पानी के बहाव में अचानक बदलाव को देखते हुए पर्यटकों को नदी, झरने और चट्टानों के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए।

रिपोर्ट- रंजन सिंह राजपूत