Bihar Politics : यूज एंड थ्रो नहीं, अब सम्मान की बारी! सांसद मनोज तिवारी ने बताया, क्या है पावर स्टार पवन सिंह के लिए भाजपा का 'मेगा प्लान'
Bihar Politics : भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार पवन सिंह के लिए भाजपा ने कुछ बड़ा सोचा है. भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा की उनका हक दिया जायेगा.........पढ़िए आगे
SASARAM : मनोज तिवारी ने भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी का बड़ा और महत्वपूर्ण नेता बताते हुए कहा कि पार्टी अपने हर कार्यकर्ता के योगदान को हमेशा याद रखती है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही पवन सिंह को उनकी मेहनत का उचित सम्मान और जिम्मेदारी मिलने वाली है। मंगलवार की देर रात औरंगाबाद से लौटते समय मनोज तिवारी रोहतास जिले के डेहरी पहुंचे। यहां एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कई राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने पवन सिंह के राजनीतिक भविष्य, विपक्ष के आरोपों और बिहार की मौजूदा राजनीति पर विस्तार से चर्चा की।
पवन सिंह को लेकर दिया बड़ा संदेश
पवन सिंह को लेकर भाजपा द्वारा ‘यूज’ किए जाने के सवाल पर मनोज तिवारी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना विपक्ष की पुरानी आदत है। तिवारी ने साफ कहा कि पवन सिंह केवल एक स्टार नहीं बल्कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई है। ऐसे में उनकी मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा उन्हें जल्द ही उनका “हक” देगी, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में पवन सिंह को पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
विपक्ष पर साधा निशाना
सांसद ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि वे जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं। उनके मुताबिक, भाजपा में हर कार्यकर्ता की मेहनत और समर्पण का सम्मान किया जाता है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र से जुड़ा क्यों न हो। उन्होंने कहा कि पार्टी की कार्यशैली पारदर्शी है और इसमें व्यक्तिगत लाभ के बजाय संगठन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जाती है। यही कारण है कि भाजपा देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी हुई है।
परिवारवाद की दी परिभाषा
वहीं बिहार की राजनीति में परिवारवाद के मुद्दे पर भी मनोज तिवारी ने अपनी बात रखी। उन्होंने नीतीश कुमार पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन पर परिवारवाद का आरोप लगाना उचित नहीं है। तिवारी ने परिवारवाद को परिभाषित करते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने पद का उपयोग कर अपने परिवार के सदस्यों—जैसे पत्नी, बेटे या बेटी—को भी सत्ता में स्थापित करता है, तभी उसे परिवारवाद कहा जाता है। उन्होंने संकेत दिया कि नीतीश कुमार के मामले में ऐसा नहीं है, इसलिए उन पर यह आरोप लगाना गलत है।
10 अप्रैल को होगा मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान
बिहार के अगले मुख्यमंत्री के सवाल पर मनोज तिवारी ने सीधे नाम बताने से इनकार किया, लेकिन एक अहम तारीख जरूर सामने रखी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत 10 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि नेतृत्व परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इसमें पार्टी व गठबंधन के सभी सहयोगियों की सहमति शामिल होती है।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे पर क्या बोले
मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर उन्होंने कहा कि उम्र हर व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर राज्यसभा जाने की इच्छा व्यक्त की गई, जिसे एनडीए ने स्वीकार किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आज भी उनके नेता हैं और आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे। अपने कार्यकाल में बिहार को नई दिशा देने के लिए उन्होंने सराहना भी की और कहा कि राज्य के विकास में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
राजनीतिक हलचल तेज
मनोज तिवारी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खासकर पवन सिंह को लेकर दिए गए संकेतों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सबकी नजर 10 अप्रैल पर टिकी है, जब मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान होने वाला है।
रंजन की रिपोर्ट