Bihar News: बेटे को बचाने दौड़ी मां, करंट ने दोनों की ले ली जान, इलाके में पसरा मातम

Bihar News:पटवन के दौरान करंट की चपेट में आने से मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई।...

Mother and Son Die of Electric Shock While Irrigating Farm
मां- बेटे की मौत- फोटो : reporter

Bihar News:  सारण जिले के परसा नगर पंचायत के वार्ड संख्या-8 स्थित खोजौली गांव में खेत में पटवन के दौरान करंट की चपेट में आने से मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। 14 वर्षीय राहुल कुमार खेत में बैंगन की फसल में पानी पटाने गया था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देख उसकी मां रिंकू देवी उसे बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन वह भी विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गईं। कुछ ही पलों में दोनों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान डेरनी थाना क्षेत्र के खजौली निवासी जयप्रकाश सिंह उर्फ साधु की 45 वर्षीय पत्नी रिंकू देवी और उनके 14 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार के रूप में हुई है। राहुल उत्क्रमित मध्य विद्यालय खजौली में पढ़ता था। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार में कोहराम मचा है।परिजनों के अनुसार जयप्रकाश सिंह ने शोभे परसा गांव के समीप खेत में बैंगन की खेती की थी। रिंकू देवी अपने बेटे राहुल के साथ खेत में पटवन करने गई थीं। बताया गया कि वहां एक मोटर के जरिए पानी चलाया जा रहा था। खेत की सुरक्षा के लिए चारों तरफ तार की घेराबंदी थी। इसी दौरान मोटर के लिए लगाए गए तार में करंट प्रवाहित होने की बात सामने आई।

पटवन के दौरान राहुल करंट की चपेट में आया। बेटे को बचाने की कोशिश में मां रिंकू देवी भी बिजली के संपर्क में आ गईं। हादसे के बाद ग्रामीणों की मदद से दोनों को तत्काल परसा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।जयप्रकाश सिंह के अनुसार वह सब्जी खरीदने गया था। वापस घर पहुंचने पर दरवाजे पर ताला मिला तो पत्नी और बेटे की तलाश में खेत की ओर गया। वहां दोनों को अचेत देखकर उसके होश उड़ गए।

सूचना मिलने पर परसा थानाध्यक्ष ओम प्रकाश और डेरनी थाना के एसआई त्रिपुरारी सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है। खेत में करंट कैसे प्रवाहित हुआ और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी जांच की जा रही है।मां-बेटे की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस मां ने बेटे को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, उसी कोशिश में उसकी भी जिंदगी खत्म हो गई।

रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार