Vaibhav Suryavanshi batting: वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी देख गदगद हुए बचपन के कोच, कह दी इतनी बड़ी बात

Vaibhav Suryavanshi batting: वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक बल्लेबाजी से भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है। फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराया।

Vaibhav Suryavanshi batting
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी- फोटो : social media

Vaibhav Suryavanshi batting: वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इस युवा ओपनर ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसे देखकर हर क्रिकेट प्रेमी हैरान रह गया। वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा ने कहा कि उनके शिष्य ने फाइनल में जिस तरह का खेल दिखाया, वह बड़े-बड़े दिग्गज खिलाड़ियों की याद दिलाता है।

मनीष ओझा के मुताबिक, वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ जिस इरादे और आक्रामक सोच के साथ बल्लेबाजी की, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि वैभव का खेलने का अंदाज बिल्कुल अलग और खास है। उसने मैदान पर जो आत्मविश्वास दिखाया, वह किसी अनुभवी खिलाड़ी जैसा था। कोच ने कहा कि 15 छक्के और 15 चौके लगाना आसान नहीं होता, लेकिन वैभव ने यह कर दिखाया।

वैभव सूर्यवंशी की यादगार पारी 

अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रनों की यादगार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 15 छक्के लगाए और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर पूरी तरह दबाव बना दिया। खास बात यह रही कि वैभव ने महज 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में किसी भी खिलाड़ी का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और वैभव के शतक की बदौलत 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम अच्छी शुरुआत के बावजूद 40.2 ओवर में 311 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड की ओर से कालेब फाल्कनर ने 115 रन और बेन डॉकिन्स ने 66 रन बनाए, लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला सके।

इस शानदार जीत के साथ भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। वैभव सूर्यवंशी को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कार दिए गए। यह पल न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है।