Bihar News : पूर्णिया में 1942 के अमर शहीदों को राजकीय समारोह में दी गई श्रद्धांजलि, मंत्री लेशी सिंह और अधिकारियों ने वीर सपूतों को किया नमन

Bihar News : शहीदों की याद में धमदाहा स्थित शहीद स्मारक पर राजकीय समारोह आयोजित कर शहीद वीर सपूतों को नमन किया गया। इस मौके पर मंत्री लेशी सिंह भी मौजूद रही.....पढ़िए आगे

Bihar News : पूर्णिया में 1942 के अमर शहीदों को राजकीय समारो
शहीदों को नमन - फोटो : ANKIT

PURNEA : पूर्णिया जिले के धमदाहा स्थित ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के अमर शहीदों की याद में एक भव्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह और पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार सहित जिले एवं अनुमंडल प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के वीर सपूतों के बलिदान को याद किया और उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

पुष्पांजलि अर्पित करने के उपरांत समारोह में गरिमामय माहौल के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके पश्चात उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों ने एक स्वर में 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान का गायन किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के तरानों से गूंज उठा। इस राजकीय समारोह के दौरान सर्वधर्म सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने शामिल होकर शहीदों की शांति और देश की अखंडता व सौहार्द के लिए प्रार्थना की।

इस विशेष अवसर पर धमदाहा अनुमंडल तथा कृत्यानंद नगर प्रखंड क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित और अंगवस्त्र प्रदान किया गया। सरकार की ओर से शहीदों के परिजनों के प्रति यह सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया गया। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों ने भी इस आयोजन पर खुशी जाहिर की और सरकार की इस पहल की सराहना की।

मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि धमदाहा की भूमि स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सपूतों की ऐतिहासिक धरती रही है। 1942 ईस्वी में महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन के आह्वान पर यहां के जांबाज स्वतंत्रता सेनानियों ने धमदाहा थाने को घेर कर आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान ब्रिटिश हुकूमत की अंधाधुंध गोलीबारी में 15 वीर सपूत शहीद हो गए थे। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2023 में इस ऐतिहासिक दिन को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की घोषणा की थी, जिसके बाद से बीते चार वर्षों से यहां पूरे सम्मान के साथ राजकीय समारोह आयोजित किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि धमदाहा थाना कांड में 15 अमर शहीदों का यह बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक स्वर्णिम और प्रेरणादायक अध्याय के रूप में दर्ज है। हर साल आयोजित होने वाला यह राजकीय समारोह न केवल आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ता है, बल्कि देशप्रेम और राष्ट्र सेवा की भावना को भी निरंतर जागृत रखता है।

अंकित की रिपोर्ट