Patna Illegal Liquor Factory: ट्रांसपोर्ट नगर में नकली शराब की फैक्ट्री सील, नालंदा का आरोपी गिरफ्तार

ट्रांसपोर्ट नगर जैसे व्यस्त इलाके में चल रही थी नकली शराब बनाने की फैक्ट्री। मद्यनिषेध विभाग ने छापेमारी कर नालंदा निवासी संचालक बादल कुमार को किया गिरफ्तार, पूरा परिसर सील। जानिए पुलिस और प्रशासन से बेखौफ कैसे चल रहा था यह गोरखधंधा!

Patna transport nagar fake liquor factory busted
नकली शराब की फैक्ट्री सील, नालंदा का आरोपी गिरफ्तार- फोटो : news 4 nation

सूबे में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद राजधानी पटना में अवैध शराब निर्माण का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में चल रही एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से अवैध गतिविधियों में लिप्त मुख्य संचालक को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे परिसर को सील कर दिया है।


छापेमारी के दौरान नालंदा निवासी संचालक बादल कुमार चढ़ा हत्थे

सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश के दिशा-निर्देश पर निरीक्षक अजीत कुमार की अगुवाई में यह विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ठिकाने पर अचानक दबिश दी, जहाँ बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाने की गतिविधियां पाई गईं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से ही आरोपी संचालक बादल कुमार को गिरफ्तार किया गया, जो मूल रूप से नालंदा जिले के सिलाव का निवासी है।


अवैध कारोबार का पूरा परिसर सील, साक्ष्य जुटाने में लगी टीम

कार्रवाई के दौरान मद्यनिषेध विभाग की टीम ने मौके से नकली शराब बनाने से जुड़ी कई सामग्रियां और अहम साक्ष्य जब्त किए हैं। साक्ष्यों को सुरक्षित करने के बाद विभाग ने उस पूरे परिसर को विधिवत रूप से सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि शराबबंदी कानून को सख्त करने और अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए परिसर की जब्ती अत्यंत जरूरी थी।


सप्लाई चेन और बड़े सिंडिकेट को खंगालने में जुटा उत्पाद विभाग

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है। जांच टीम मुख्य रूप से इस बात का पता लगा रही है कि शराब बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था और तैयार शराब को किन-किन इलाकों में खपाया जा रहा था। इस धंधे से जुड़े अन्य मददगारों की भी पहचान की जा रही है।


व्यस्त इलाके में गोरखधंधे से पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

पटना का ट्रांसपोर्ट नगर एक बेहद व्यस्त और व्यावसायिक इलाका माना जाता है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि इतने मुख्य इलाके में लंबे समय से नकली शराब बनाने का गोरखधंधा पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र की नजरों से कैसे बचा रहा। यह घटना राजधानी में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन और स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


शराब तस्करों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति

सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बिहार में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। विभाग का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।