बिहार के एससी-एसटी छात्रों के लिए खुशखबरी: विदेश में पढ़ाई के लिए मिलेगी छात्रवृत्ति; छात्रावासों के लिए भी खुला खजाना
बिहार के एससी-एसटी छात्र अब सरकारी छात्रवृत्ति की मदद से विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। राज्य के कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने केंद्र सरकार से छात्रवृत्ति और नए छात्रावासों के लिए करोड़ों रुपये के फंड पर सहमति हासिल कर ली है।
Patna - बिहार सरकार के एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में बिहार के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं । केंद्र सरकार ने 'नेशनल ओवरसीज स्कीम' के तहत बिहार के एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति देने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है ।
नेशनल ओवरसीज स्कीम से उड़ान भरेंगे छात्र
बैठक के दौरान लखेंद्र पासवान ने प्रस्ताव रखा कि ओवरसीज स्कीम के तहत विदेश जाने वाले बिहार के अनुसूचित जाति व जनजाति के मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाए । केंद्रीय मंत्री ने इस पर अपनी सहमति व्यक्त करते हुए बिहार के छात्रों के शैक्षणिक उत्थान के लिए इसे एक क्रांतिकारी कदम बताया है ।
छात्रावास निर्माण के लिए करोड़ों का फंड
मंत्री लखेंद्र पासवान ने छात्रों की आवासीय समस्याओं को देखते हुए नए छात्रावासों के निर्माण की जरूरत पर बल दिया । उन्होंने केंद्र सरकार से प्रति छात्र 3.5 से 4 लाख रुपये की दर से आवंटन की मांग की । इस प्रस्ताव के तहत 100 छात्रों वाले छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये की मांग की गई है । 200 छात्रों वाले छात्रावास के लिए 8 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है । केंद्रीय मंत्री ने इस मांग की सराहना करते हुए इसके लिए फंड जारी करने पर सहमति जताई है ।
'प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम' योजना को गति
एससी-एसटी बाहुल्य गांवों के विकास के लिए भी बड़ी योजना तैयार की गई है। लखेंद्र पासवान ने ‘प्रधानमंत्री अजेय योजना’ के तहत उन गांवों के लिए 20 लाख रुपये प्रति ग्राम की राशि मांगी है जहाँ एससी आबादी 40 प्रतिशत से अधिक या 500 से ज्यादा है । केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए बिहार सरकार से 'गांव विकास योजना' के तहत प्रस्ताव भेजने को कहा है ।
एससी-एसटी टोलों में सुधरेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
केंद्र सरकार ने राज्य को निर्देश दिया है कि अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव भेजें ताकि एससी-एसटी टोलों में सोलर लाइट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य विकासात्मक योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके । इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले इन समुदायों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आने की उम्मीद है ।
रिपोर्ट - नरोत्तम कुमार