बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन की इन खूबियों को जानकर रह जाएंगे हैरान, सैन्य सेवा से शिक्षण क्षेत्र तक खास उपलब्धियां
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाए जाने को एक रणनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।
Governor of Bihar : सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने 14 मार्च 2026 को बिहार के राज्यपाल पद की शपथ ली और वे राज्य के 30वें राज्यपाल बने। उन्होंने इस पद पर आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कौन हैं सैयद अता हसनैन
सैयद अता हसनैन का जन्म 1952 में हुआ और वे भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1974 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया और करीब चार दशकों तक सैन्य सेवा दी। उनका संबंध प्रतिष्ठित 4 गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट से रहा है। अपने लंबे करियर में उन्होंने देश के कई संवेदनशील इलाकों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। हसनैन को खास तौर पर जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनकी रणनीतिक भूमिका के लिए जाना जाता है। वे श्रीनगर स्थित सेना की अहम फॉर्मेशन 15 कॉर्प्स के कमांडर भी रहे। अपने कार्यकाल में उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ संवाद बढ़ाने और विश्वास कायम करने की नीति अपनाई, जिसे “हार्ट्स एंड माइंड्स” या जन-केंद्रित रणनीति के रूप में जाना गया।
कई मिशन का नेतृत्व
अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने श्रीलंका में भारतीय शांति सेना मिशन, पंजाब और पूर्वोत्तर में आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा संयुक्त राष्ट्र के मिशनों में भी काम किया। उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्राप्त हुए हैं।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के चांसलर
सेना से 2013 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी हसनैन राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सक्रिय रहे। वे कई थिंक टैंकों से जुड़े रहे, रक्षा और कूटनीति से जुड़े विषयों पर लेखन करते रहे और विभिन्न विश्वविद्यालयों व संस्थानों में व्याख्यान देते रहे। वे सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के चांसलर भी रह चुके हैं।
बिहार में खास भूमिका
राजनीतिक हलकों में उनके राज्यपाल बनने को महज प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। रक्षा, रणनीति और प्रशासनिक अनुभव से लैस सैयद अता हसनैन से उम्मीद की जा रही है कि वे बिहार में संवैधानिक प्रमुख के रूप में प्रशासनिक स्थिरता और नीति मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाएंगे।