Anant Singh: छोटे सरकार का कौन बनेगा वारिस ? 4 संतानों के बीच किसके सिर पर सजेगा सियासी ताज ? अनंत सिंह के संकेत से मोकामा की राजनीति में उबाल
Anant Singh: मोकामा क्षेत्र में अनंत सिंह का प्रभाव ऐसा माना जाता है कि उनकी प्रत्याशिता मात्र से ही विजय सुनिश्चित समझी जाती रही है।
Anant Singh: बिहार की विधायी राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान एक अप्रत्याशित वक्तव्य ने सत्ता-समीरण में नई बहस को जन्म दे दिया। अनंत सिंह, जो मोकामा क्षेत्र में अपने प्रभावशाली जनाधार के लिए प्रसिद्ध हैं,ने मतदान के अवसर पर ऐसा संकेत दिया, जिसने राजनीतिक उत्तराधिकार एवं नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं को प्रबल कर दिया।
राज्यसभा मतदान प्रक्रिया के दौरान अनंत सिंह ने स्पष्ट शब्दों में यह उद्घोषित किया कि यदि नीतीश कुमार सत्ता के शिखर पर नहीं रहते, तो वे स्वयं भी विधायकी का परित्याग कर देंगे। यह कथन न केवल उनकी व्यक्तिगत निष्ठा का उद्घाटन करता है, अपितु बिहार की राजनीति में व्यक्तिवादी निष्ठा एवं नेतृत्व-केन्द्रित संरचना को भी उजागर करता है।
इसके साथ ही उन्होंने आगामी चुनाव में स्वयं के स्थान पर अपने ज्येष्ठ पुत्र को प्रत्याशी बनाने का संकेत दिया, जो स्पष्ट रूप से वंशानुगत राजनीति की परंपरा को पुष्ट करता है। यह परिघटना भारतीय लोकतंत्र में प्रचलित उस प्रवृत्ति का द्योतक है, जहाँ राजनीतिक पूंजी का हस्तांतरण पारिवारिक उत्तराधिकार के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है।
मोकामा क्षेत्र में अनंत सिंह का प्रभाव ऐसा माना जाता है कि उनकी प्रत्याशिता मात्र से ही विजय सुनिश्चित समझी जाती रही है। उनकी धर्मपत्नी नीलम देवी भी इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र एक प्रकार से उनके राजनीतिक प्रभुत्व का केंद्र रहा है।
सूत्रों के अनुसार,अपने पुत्र के राजनीतिक अभ्युदय हेतु अनंत सिंह ने पूर्व से ही आधारभूमि तैयार करनी प्रारंभ कर दी है। विधायक निधि से संपादित विकास कार्यों की देखरेख का दायित्व अपने पुत्र को सौंपना, जनसंपर्क एवं जनाधार निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति का अंग माना जा रहा है।अनंत सिंह को 4 संतान हैं, जिनमें उनकी बेटी राजनंदनी सबसे बड़ी है। इसके बाद एक और बेटी है। उनके बेटे जुडवां हैं, इनमें बड़े बेटे का नाम अंकित है, जबकि छोटे का नाम अभिषेक है।
इस घटनाक्रम ने यह प्रश्न भी उत्पन्न किया है कि क्या यह वक्तव्य वास्तविक संन्यास का संकेत है अथवा एक सुविचारित रणनीतिक चाल, जिसके माध्यम से पारिवारिक उत्तराधिकार को सुदृढ़ किया जा रहा है।
बहरहालअनंत सिंह का यह कथन केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में शक्ति-संक्रमण, निष्ठा एवं वंशवाद के जटिल समीकरणों को उजागर करने वाला एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत बनकर उभरा है।