Bihar News: नवादा में कचरा डंपिंग साइट बनी ‘जहर का गुबार’! जहरीले धुएं से लोगों की सेहत पर संकट, सवाल के घेरे में नगर परिषद
Bihar News: नवादा में कचरा डंपिंग साइट अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बनती जा रही है। यहां से उठता जहरीला धुआं आसपास के इलाकों में फैलकर लोगों की सांसों में जहर घोल रहा है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।
Bihar News: नवादा जिले में हिसुआ-नवादा मार्ग पर स्थित कचरा डंपिंग साइट अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। वाटर पार्क के पास बने इस डंपिंग पॉइंट से लगातार उठ रहा जहरीला धुआं राहगीरों और आसपास के निवासियों की सांसों पर भारी पड़ रहा है। लोगों को गुजरते समय घुटन, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे के ढेर में बार-बार आग लगाई जा रही है, जिससे डाइऑक्सिन जैसी विषैली गैसें निकल रही हैं। दिन हो या रात, धुएं का असर लगातार बना रहता है।
अचानक घुएं से डर जाते हैं लोग
रात में अचानक उठते धुएं से लोग डर जाते हैं, जबकि दिन में भी स्थिति सामान्य नहीं रहती। इस मामले को लेकर नवादा नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि शहर में कचरा निस्तारण की कोई वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं है। करोड़ों रुपये के सफाई बजट के बावजूद हालात बिगड़ते जा रहे हैं और डंपिंग साइट पर न तो नियमित प्रबंधन हो रहा है, न ही आग लगने की घटनाओं पर तत्काल नियंत्रण।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जहरीले धुएं के कारण सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने इस समस्या को लेकर वीडियो बनाकर प्रशासन और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले में कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि लंबे समय में कैंसर और गंभीर श्वसन रोगों का कारण बन सकता है।
तुरंत कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि डंपिंग साइट पर आग पर तुरंत रोक लगाई जाए, कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से संचालित किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है, ताकि लोगों की सेहत और जीवन सुरक्षित रह सके।
नवादा से अमन की रिपोर्ट