निगरानी का शिकंजा: पशु खरीद अनुदान के बदले मांग रहा था घूस, डेयरी फील्ड ऑफिसर 30 हजार लेते गिरफ्तार

पश्चिमी चम्पारण के बेतिया में निगरानी ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डेयरी फील्ड ऑफिसर अनुराग अभिषेक को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अनुदान की फाइल आगे बढ़ाने के लिए यह रिश्वत मांगी गई थी।

निगरानी का शिकंजा: पशु खरीद अनुदान के बदले मांग रहा था घूस,

Patna/Bettiah - बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) में बड़ी कार्रवाई की । टीम ने जिला डेयरी विकास कार्यालय में छापेमारी कर डेयरी फील्ड ऑफिसर अनुराग अभिषेक (अनुराग कुमार) को 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया । यह कार्रवाई ब्यूरो द्वारा दर्ज कांड संख्या 031/26 के तहत की गई है 

पशुपालन अनुदान के लिए मांगी थी घूस 

गौनाहा प्रखंड के मटिअरिया निवासी परिवादी बबलू कुमार ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी । उन्होंने बताया कि 'समग्र गव्य विकास योजना 2025-2026' के तहत पशु क्रय करने के बाद उन्हें सरकार से 1,95,200 रुपये का अनुदान मिलना था । इस अनुदान राशि के भुगतान संबंधी कागजात और फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में आरोपी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी 

सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल 

शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया । इसके बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के पुलिस उपाधीक्षक मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में एक धावादल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया । टीम ने शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और जैसे ही बबलू कुमार ने अधिकारी को पैसे दिए, उसे गिरफ्तार कर लिया गया 

मुजफ्फरपुर की विशेष अदालत में होगी पेशी 

गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर रही है । कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी में उपस्थापित किया जाएगा । ब्यूरो इस मामले में आगे के अनुसंधान और दस्तावेजों की पड़ताल की कार्रवाई कर रहा है 

निगरानी ब्यूरो का इस साल का 31वां मामला 

वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी ब्यूरो की यह 31वीं प्राथमिकी है । इनमें से 27 मामले ट्रैप (जाल बिछाकर गिरफ्तारी) से संबंधित हैं, जिनमें अब तक कुल 20 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है । ब्यूरो ने अपील की है कि यदि कोई सरकारी सेवक रिश्वत की मांग करे, तो उनके हेल्पलाइन नंबर 0612-2215344 या मोबाइल नंबर 7765953261 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं 

Report - aashish / anil kumar