ईरान को डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे बड़ी चेतावनी, ऐसे खत्म होगा युद्ध, अमेरिका के लिए भी आई मुश्किल भरी रिपोर्ट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि लगातार हो रहे हमलों के बाद ईरान अब ज्यादा दिन तक युद्ध की स्थिति में टिक नहीं पाएगा।
US-Israel-Iran : अमेरिका-इजरायल-ईरान जंग में निर्णायक दौर की ओर है, जहां लगातार हमलों और तीखे बयानों के बीच युद्ध अब और ज्यादा गंभीर होता दिख रहा है। जंग के नौवें दिन इजराइल ने ईरान के तेल भंडार और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के करीब 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को टारगेट किया गया है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि लगातार हो रहे हमलों के बाद ईरान अब ज्यादा दिन तक युद्ध की स्थिति में टिक नहीं पाएगा। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। उनके मुताबिक या तो ईरान खुद सरेंडर करे या उसकी सैन्य क्षमता इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह आगे लड़ने की स्थिति में ही न रहे।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि दबाव के चलते ईरान अब अपने पड़ोसी देशों के सामने झुकने लगा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने कुछ पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और भविष्य में उन पर हमला न करने का आश्वासन दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कभी मध्य पूर्व में दबदबा रखने वाला ईरान अब “दबंग नहीं बल्कि लूजर” बन गया है।
फारस की खाड़ी में डुबो देंगे जहाज
हालांकि दूसरी ओर ईरान ने भी कड़ा रुख दिखाया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में प्रवेश करते हैं तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक जहाज भेजने की संभावना जताई है, क्योंकि ज्यादातर टैंकर Strait of Hormuz से होकर गुजरते हैं।
1,483 लोगों की मौत
युद्ध के मानवीय असर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ईरान के मुताबिक अब तक 6,668 नागरिक इलाकों को निशाना बनाया जा चुका है। इन हमलों में 5,535 घर और 1,041 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 14 मेडिकल सेंटर, 65 स्कूल और रेड क्रिसेंट के 13 केंद्र भी हमलों की चपेट में आए हैं।
दोनों पक्षों के बीच जारी इस संघर्ष में अब तक करीब 1,483 लोगों की मौत की खबर है, जबकि इजराइल में 1,765 लोग घायल बताए जा रहे हैं। ऐसे में लगातार बढ़ते हमलों और सख्त बयानों के बीच मध्य पूर्व में यह युद्ध अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
ईरान में सरकार हटाना मुश्किल
वहीं वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में सामने आई है जो अमरीका के लिहाज से सही नहीं है। अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल की एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अमेरिका के नेतृत्व में ईरान पर बड़ा जमीनी हमला भी किया जाए तो भी वहां की मौजूदा सरकार को हटाना आसान नहीं होगा। एजेंसियों ने इस बात पर भी संदेह जताया है कि यह युद्ध चार से छह हफ्तों में खत्म हो सकता है।