ट्रम्प को मिडटर्म चुनाव में बड़ा झटका, दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का कब्जा, अब्दुल अल-सैयद बने अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर

मिडटर्म चुनाव में दोनों सदनों का नियंत्रण गंवाने से ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। संसद में डेमोक्रेट्स के बहुमत के कारण सरकार के विधायी प्रस्तावों को चुनौती मिल सकती है।

Trump Suffers Major Midterm Election
Trump Suffers Major Midterm Election- फोटो : news4nation

 अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों—सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स—में बहुमत हासिल कर लिया है। इन नतीजों को ट्रम्प सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। चुनाव में डेमोक्रेट्स ने कई अहम मुकाबलों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को शिकस्त दी।


इस चुनाव की सबसे चर्चित जीत मिशिगन से सामने आई है। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन प्रत्याशी माइक रोजर्स को हरा दिया। इस जीत के साथ ही अल-सैयद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले देश के पहले मुस्लिम बन गए हैं। उनकी जीत को डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील धड़े के लिए भी अहम उपलब्धि माना जा रहा है।


ट्रम्प ने अब्दुल अल-सैयद को कहा था 'जिहादी'

अब्दुल अल-सैयद का चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ सीधा टकराव रहा। 25 अक्टूबर को मिशिगन के पोर्ट ह्यूरॉन में आयोजित रैली में ट्रम्प ने अल-सैयद को 'जिहादी' और मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य बताया था। उन्होंने कहा था कि वह उन्हें अमेरिकी सीनेटर बनने से रोकने के लिए मिशिगन आए हैं।


ट्रम्प ने अपने भाषण में 9/11 आतंकी हमले का भी जिक्र किया था और अल-सैयद को अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा बताने की कोशिश की थी। हालांकि, अल-सैयद ने मुस्लिम ब्रदरहुड से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया है। उनके खिलाफ लगाए गए इन आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।


हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स को बढ़त

अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं और मिडटर्म चुनाव में सभी सीटों पर मतदान हुआ। शुरुआती नतीजों और मीडिया अनुमानों के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। कई अहम सीटों पर जीत के साथ पार्टी ने सदन में अपनी स्थिति मजबूत की है।


सीनेट में भी रिपब्लिकन बहुमत खत्म

सीनेट की कुल 100 सीटों में से इस चुनाव में 35 सीटों पर मतदान हुआ। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में 53 और डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें थीं। लेकिन चुनावी नतीजों में डेमोक्रेट्स ने कई महत्वपूर्ण सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया। मिशिगन में अब्दुल अल-सैयद की जीत भी इसी बदलाव का हिस्सा है।


ट्रम्प के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?

मिडटर्म चुनाव में दोनों सदनों का नियंत्रण गंवाने से ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। संसद में डेमोक्रेट्स के बहुमत के कारण सरकार के विधायी प्रस्तावों को चुनौती मिल सकती है। इसके अलावा विपक्ष को प्रशासनिक फैसलों की जांच और सरकारी नीतियों पर सवाल उठाने के लिए ज्यादा संसदीय ताकत मिलेगी। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बीच होने वाले मिडटर्म चुनाव को सत्तारूढ़ पार्टी के कामकाज पर जनता की राय के तौर पर भी देखा जाता है। इस बार के नतीजों ने ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।