Bihar News : सामंतियों के ग़ुलाम को श्रेयसी सिंह पर बोलने की औकात नहीं, रोहिणी आचार्य ने जीतनराम मांझी पर किया तीखा हमला, कहा-उम्र नहीं आचरण से मिलता है सम्मान
Bihar News : रोहिणी आचार्य ने कहा की सामंतियों के ग़ुलाम जीतनराम मांझी को बीजेपी की श्रेयसी सिंह पर बोलने की औकात नहीं है। कहा की सम्मान उम्र देखकर नहीं, आचरण को देखकर दिया जाता है।
PATNA : आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए जोरदार हमला बोला है। रोहिणी ने मांझी के बयानों का कड़ा विरोध करते हुए उनकी नीयत और आचरण पर सवाल खड़े किए हैं।
रोहिणी आचार्य का तंज
रोहिणी ने मांझी पर निशाना साधते हुए लिखा, "कहीं बीजेपी की श्रेयसी सिंह वाला नशा तो नहीं किया था प्रतिपक्ष के नेता?" उन्होंने आरोप लगाया कि सामंती सोच के गुलाम बने जीतन राम मांझी में बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह के मामले पर बोलने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने आगे लिखा कि सम्मान इंसान की उम्र देखकर नहीं, बल्कि उसके आचरण को देखकर दिया जाता है। "पिता की उम्र का होकर भी अगर कोई घटिया बातें करे, तो वह आदर के लायक नहीं होता।"
क्या था पूरा विवाद?
दरअसल 17 अगस्त को पटना स्थित आरजेडी प्रदेश कार्यालय में 'माउंटेनमैन' दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से भूलवश दशरथ मांझी की जगह जीतन राम मांझी का नाम निकल गया और उन्होंने जीतन राम मांझी को श्रद्धांजलि दे दी।
जीतन राम मांझी का पलटवार
इस मानवीय भूल पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा था, “नशा शराब में होती तो नाचती बोतल... लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था, इसलिए मुझे ही श्रद्धांजलि दे रहे हैं।” मांझी ने आगे कहा कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले समय में ये जीते जी अपने माता-पिता लालू यादव और राबड़ी देवी को भी श्रद्धांजलि दे देंगे। इसी बयान से भड़कीं रोहिणी आचार्य ने अब पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।