Bihar News : KYP योजना से संवर रहा युवाओं का भविष्य, पश्चिम चंपारण के वरुण देव कंप्यूटर सीखकर बने शिक्षक

Bihar News : कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) युवाओं के लिए किस प्रकार वरदान साबित हो रहा है, इसकी एक बेहतरीन मिसाल पश्चिम चंपारण के रहने वाले वरुण देव हैं......पढ़िए आगे

Bihar News : KYP योजना से संवर रहा युवाओं का भविष्य, पश्चिम
KYP योजना युवाओं के लिए वरदान - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : कहते हैं न कि हौसला बुलंद हो, तो कामयाबी खुद कदम चूमती है। आज के समय में नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री होना काफी नहीं है, बल्कि कंप्यूटर चलाने, इंटरनेट का इस्तेमाल करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे नए टूल्स की जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार युवाओं को डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण दे रही है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 12 लाख युवाओं को ‘डिजिटल मित्र’ बनाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में ही 2.67 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मिलिए ऐसे ही एक युवा से, जिन्होंने कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) का लाभ उठाकर अपने हुनर को निखारा और आज शिक्षक बनकर बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा दे रहे हैं। पश्चिम चंपारण के रहने वाले वरुण देव ने KYP के माध्यम से कंप्यूटर का प्रशिक्षण प्राप्त किया। आज वह अपने इसी कौशल के दम पर कंप्यूटर शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं।

कंप्यूटर की बेसिक जानकारी

वरुण देव बताते हैं, "जब मैंने KYP ज्वाइन किया था, तब मुझे यहां कंप्यूटर की बेसिक से लेकर एडवांस तक की जानकारी दी गई। यहां मुझे कंप्यूटर के बारे में बहुत अच्छी तरह से सिखाया और समझाया गया। KYP से प्रशिक्षण लेने का मुझे यह फायदा हुआ कि आज मैं कंप्यूटर टीचर के रूप में काम कर रहा हूं और दूसरों को भी गाइड करता हूं। यहां मैंने एमएस एक्सेल, एमएस वर्ड, पीपीटी प्रेजेंटेशन और सरकारी कामों के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना सीखा। ये सभी स्किल्स मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई हैं।"

तीन महीने तक चलेगा ट्रेनिंग

कौशल प्रशिक्षण योजना के तहत युवाओं को अधिकतम तीन महीने तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। साथ ही, डिजिटल क्षेत्र में डेढ़ साल का अनुभव रखने की शर्त भी रखी गई है। हालांकि, 10वीं और 12वीं पास युवाओं को अनुभव की अनिवार्यता से छूट दी गई है। यानी 12वीं पास उम्मीदवार बिना डेढ़ साल के अनुभव के भी इस प्रशिक्षण के लिए पात्र हो सकते हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ ले रहे युवा भी इस प्रशिक्षण में शामिल हो सकते हैं।

सरकारी और निजी संस्थानों में मिलेगी ट्रेनिंग

युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए बिहार के कई सरकारी शिक्षण संस्थानों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। इनमें इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, डिग्री कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) और मॉडल स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा, कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के तहत संचालित 871 निजी प्रशिक्षण केंद्रों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा। शुरुआती चरण में प्रत्येक निजी संचालक के एक प्रशिक्षण केंद्र को योजना में शामिल करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए निजी प्रशिक्षण केंद्रों से आवेदन भी मांगे गए हैं। प्रशिक्षण देने वाले इन केंद्रों को सरकार की ओर से मानदेय दिया जाएगा। इसके निर्धारण के लिए कुशल युवा कार्यक्रम के पहले और दूसरे चरण में अपनाई गई व्यवस्था को आधार बनाया जाएगा।